सोमवार, 18 जनवरी 2016

मानसिक रूप से मंद व्यक्तियों की माता पिता की एसोसिएशन के लिए योजना

मानसिक रूप से मंद व्यक्तियों की माता पिता की एसोसिएशन के लिए योजना 

 


उद्देश्य -
इस स्कीम का उद्देश्य मानसिक रुप से विकलांग व्याक्तियों के माता-पिता के संघों को ऋण मुहैया कराना है जिससे मानसिक रुप से विकलांग व्यक्तियों के लाभार्था आय सृजन के क्रियाकलाप  स्थापित किया जा सके। इस आय सृजन क्रियाकलाप की प्रकृति ऐसी होनी चाहिए जिसमे मानसिक रुप से विकलांग व्यक्ति प्रत्यक्ष रुप से इसमें शामिल होने चाहिए और आय ऐसे व्यक्तियों के बीच बराबर-बराबर बंटनी चाहिए। आय सृजन क्रियाकलाप का प्रबंधन माता-पिता संघ द्वारा किया जायेगा जो अपनी सेवाए स्वैच्छिक रुप से मुहैया कराएँगे।
 पात्रता-
क) ऐसे व्यक्तियों के माता-पिता के संघ कम से कम 3 वर्ष से पंजीकृत होने चाहिए।
ख) इसमे न्यूनतम 05 माता-पिताओं की सदस्यता होनी चाहिए ।
ग) कोई भी केंद्रीय सरकार, राज्य सरकार, निजी उपक्रम के किसी अन्य वित्तीय संस्थान, बैंको आदि का वित्तीय बकायादार नहीं होना चाहिए।
छूट-
1% की छूट सहायक पर विकलांग महिला के लिए ब्याज.
ऋण की प्रमात्रा -
प्रत्येक गैर-सरकारी संगठन के लिए ऋण प्रमात्रा 5-00 लाख रुपये तक सीमित है। गैर-सरकारी संगठन का शेयर परियोजना लागत का 5 % होगा। गैर-सरकारी संगठन ऋण का उपयोग एकल अथवा बहुल क्रियाकलाप परियोजना के क्रियान्वयन में लगायेगी तथा जिसमें लाभभोगियों की अधिकतम सम्भव भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
ब्याज दर -
ऋण धनराशि पर ब्याज निम्नलिखित अनुसार लिया जाएगा -
क) 50,000/-रुपये तक - 5 प्रतिशत प्रति वर्ष।
ख) 50,000/-रुपये से अधिक किन्तु 5-00 लाख से कम - 6 प्रतिशत प्रति वर्ष।

अदायगी अवधि -
ब्याज सहित ऋण 10 वर्ष के भीतर बराबर तिमाही किश्तों में अदा की जाएगी।.
ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया -
स्कीम के अन्तर्गत गैर-सरकारी संगठन द्वारा ऋण आवेदन सीधे राष्ट्रीय विकलांग वित्त एवं विकास निगम को प्रस्तुत करना होगा। तथापि, गैर-सरकारी संगठन को अपनी प्रबंधन समिति/न्यास बोर्ड द्वारा इस संबंध में एक संकल्प पारित करवाना होगा। इसका प्रमाण आवेदन सहित भेजना अनिवार्य होगा।

रविवार, 17 जनवरी 2016

श्रीराम के दरबार में कुत्ता

श्रीराम के दरबार में कुत्ता

 
एक दिन एक कुत्ता श्रीराम के दरबार में आया और उसने प्रभु से शिकायत की – “राजन, कितने दुख की बात है कि जिस राज्य की कीर्ति चहुंओर रामराज्य के रूप में फैली हुई है वहीं लोग हिंसा और अन्याय का सहारा लेते हैं. मैं आपके महल के पास ही एक गली में लेटा हुआ था जब एक साधू आया और उसने मुझे पत्थर मारकर घायल कर दिया. देखिए मेरे सिर पर लगे घाव से अभी भी रक्त बह रहा है. वह साधू अभी भी गली में ही होगा. कृपया मेरे साथ न्याय कीजिए और अन्यायी को उसके दुष्कर्म का दंड दीजिए.”
श्रीराम के आदेश पर साधु को दरबार में लिवा लाया गया. साधू ने कहा – “यह कुत्ता गली में पूरा मार्ग रोककर लेटा हुआ था. मैंने इसे उठाने के लिए आवाज़ें दीं और ताली बजाई लेकिन यह नहीं उठा. मुझे गली के पार जाना था इसलिए मैंने इसे एक पत्थर मारकर भगा दिया.”
श्रीराम ने साधु से कहा – “एक साधू होने के नाते तो तुम्हें किंचित भी हिंसा नहीं करनी चाहिए थी. तुमने गंभीर अपराध किया है और इसके लिए दंड के भागी हो.” श्रीराम ने साधू को दंड देने के विषय पर दरबारियों से चर्चा की. दरबारियों ने एकमत होकर निर्णय लिया – “चूंकि इस बुद्धिमान कुत्ते ने यह वाद प्रस्तुत किया है अतएव दंड के विषय पर भी इसका मत ले लिया जाए.”
कुत्ते ने कहा – “राजन, इस नगरी से पचास योजन दूर एक अत्यंत समृद्ध और संपन्न मठ है जिसके महंत की दो वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है. कृपया इस साधू को उस मठ का महंत नियुक्त कर दें.”
श्रीराम और सभी दरबारियों को ऐसा विचित्र दंड सुनकर बड़ी हैरानी हुई. उन्होंने कुत्ते से ऐसा दंड सुनाने का कारण पूछा.
कुत्ते ने कहा – “मैं ही दो वर्ष पूर्व उस मठ का महंत था. ऐसा कोई सुख, प्रमाद, या दुर्गुण नहीं है जो मैंने वहां रहते हुए नहीं भोगा हो. इसी कारण इस जन्म में मैं कुत्ता बनकर पैदा हुआ हूं. अब शायद आप मेरे दंड का भेद जान गए होंगे.

सवेरे जल्दी उठने के दस फायदे और तरीके

सवेरे जल्दी उठने के दस फायदे और तरीके

 
 

वैसे, इस आदत के कुछ लाभ तो हैं जो मैं आपको बता सकता हूँ:
पहले मैं आपको यह बता दूँ की यदि आप रात्रिजीवी है और इसी में खुश हैं तो आपको अपनी आदत बदलने की कोई ज़रूरत नहीं है। मेरे लिए रात का उल्लू होने के बाद जल्द उठने वाला जीव बनना बहुत बड़ा परिवर्तन था। इससे मुझे इतने सारे लाभ हुए कि अब मुझसे सवेरे देर से उठा न जाएगा। लाभ ये हैं:
1 – दिन का अभिवादन – सवेरे जल्दी उठने पर आप एक शानदार दिन की शुरुआत होते देख सकते हैं। सवेरे-सवेरे जल्द उठकर प्रार्थना करने और परमपिता को धन्यवाद देने का संस्कार डाल लें। दलाई लामा कहते हैं – “सवेरे उठकर आप यह सोचें, ‘आज के दिन जागकर मैं धन्य हूँ कि मैं जीवित और सुरक्षित हूँ, मेरा जीवन अनमोल है, मैं इसका सही उपयोग करूँगा। अपनी समस्त ऊर्जा को मैं आत्मविकास में लगाऊँगा, अपने ह्रदय को दूसरों के लिए खोलूँगा, सभी जीवों के कल्याण के लिए काम करूँगा, दूसरों के प्रति मन में अच्छे विचार रखूँगा, किसी से नाराज़ नहीं होऊंगा और किसी का बुरा नहीं सोचूंगा, दूसरों का जितना हित कर सकता हूँ उतना हित करूँगा'”।
2 – शानदार शुरुआत – पहले तो मैं देर से उठा करता था और बिस्तर से उठते ही ख़ुद को और बच्चों को तैयार करने की जद्दोजहद में लग जाता था। कैसे तो भी बच्चों को स्कूल में छोड़कर दफ्तर देर से पहुँचता था। मैं काम में पिछड़ रहा था, उनींदा सा रहता था, चिडचिडा हो गया था। हर दिन इसी तरह शुरू होता था। अब, मैंने सवेरे के कामों को व्यवस्थित कर लिया है। बहुत सारे छोटे-छोटे काम मैं 8:00 से पहले ही निपटा लेता हूँ। बच्चे और मैं तब तक तैयार हो जाते हैं और जब दूसरे लोग आपाधापी में लगे होते हैं तब मैं काम में लग जाता हूँ। सवेरे जल्दी उठकर अपने दिन की शुरुआत करने से बेहतर और कोई तरीका नहीं है।
3 – दिन की शांत शुरुआत – बच्चों की चें-पें, खेलकूद का शोर, गाड़ियों के हार्न, टी वी की चिल्लपों – सवेरे यह सब न के बराबर होता है। सुबह के कुछ घंटे शांतिपूर्ण होते हैं। यह मेरा पसंदीदा समय है। इस समय मैं मानसिक शान्ति का अनुभव करता हूँ, स्वयं को समय दे पता हूँ, खुली हवा में साँस लेता हूँ, मनचाहा पढता हूँ, सोचता हूँ।
4 – सूर्योदय का नज़ारा – देर से उठनेवाले लोग हर दिन घटित होनेवाली प्रकृति की आलौकिक प्रतीत होनेवाली बात को नहीं देख पाते – सूर्योदय को। रात काले से गहरे नीले में तब्दील होती है, फ़िर हलके नीले में, और आसमान के एक कोने में दिन की सुगबुगाहट शुरू हो जाती है। प्रकृति अपूर्व रंगों की छटा प्रस्तुत करती है। इस समय दौड़ने की बात ही कुछ और है। दौड़ते हुए मैं दुनिया से कहता हूँ – “कितना शानदार दिन है!” सच में!
5 – नाश्ते का आनंद – सवेरे जल्दी उठकर ही आप नाश्ते का आनंद ले सकते हैं। नाश्ता दिनभर का सबसे ज़रूरी भोजन है। नाश्ते के बिना हमारी देह धीमी आंच पर काम करती है और दोपहर के भोजन तक हम इतने भूखे हो जाते हैं की कुछ भी अटरम-सटरम खा कर पेट टाइट कर लेते हैं, जैसे समोसे, जलेबी, पोहा, पकौडे, आदि। सवेरे अच्छा नाश्ता कर लेने से इनकी ज़रूरत नहीं पड़ती। इसके अलावा, चाय-काफी की चुस्कियां लेते हुए सवेरे अख़बार पढ़ना या दफ्तर में काम की शुरुआत करना कितना सुकूनभरा है!
6 – कसरत करना – यूँ तो आप दिनभर में या शाम को कभी भी कसरत कर सकते हैं पर सवेरे-सवेरे यह करने का फायदा यह है कि आप इसे फ़िर किसी और समय के लिए टाल नहीं सकते। दिन में या शाम को तो अक्सर कई दूसरे ज़रूरी काम आ जाते हैं और कसरत स्थगित करनी पड़ जाती है।
7 – रचनाशीलता होना – सभी इस बात को मानेंगे की सुबह का समय बहुत रचनात्मक ऊर्जा से भरा होता है। सुबह किसी किस्म का व्यवधान नहीं होता और मैं लिखता हूँ, मेल पढता हूँ, ब्लॉगिंग करता हूँ। इस तरह समय की थोड़ी बचत हो जाती है तो मैं शाम को परिवार के साथ वक़्त गुज़र लेता हूँ, जो बहुत ज़रूरी है।
8 – लक्ष्य बनाना – क्या आपने अपने लिए कुछ लक्ष्य निर्धारित किए हैं? नहीं? आपको करना चाहिए! लक्ष्य बनाइये और सुबह जल्दी उठकर उनकी समीक्षा करिए। इस सप्ताह कोई एक काम करने की ठान लें और उसे समय पर पूरा कर लें। लक्ष्य बनाने के बाद हर सुबह उठकर यह तय करें कि आज आप अपने लक्ष्य को पाने की दिशा में कौन से कदम उठाएंगे! और वह कदम आप हर सुबह सबसे पहले उठायें।
9 – काम पर आना-जाना – भयंकर ट्रेफिक में आना-जाना कोई पसंद नहीं करता। दफ्तर/काम के लिए कुछ जल्दी निकल पड़ने से न केवल ट्रेफिक से छुटकारा मिलता है बल्कि काम भी जल्द शुरू हो जाता है। यदि आप कार से जाते हैं तो पेट्रोल बचता है। थोड़ा जल्दी घर से निकल रहें हो तो मोटरसाईकिल चलाने का मज़ा उठा सकते हैं।
10 – लोगों से मिलना-जुलना – सवेरे जल्दी उठने के कारण लोगों से मिलना-जुलना आसान हो जाता है। जल्दी उठें और तय मुलाक़ात के लिए समय पर चल दें। जिस व्यक्ति से आप मिलने जा रहे हैं वह आपको समय पर आया देखकर प्रभावित हो जाएगा। आपको मुलाक़ात के लिए ख़ुद को तैयार करने का समय भी मिल जाएगा।
यह तो थे जल्द उठने के कुछ फायदे। अब जल्द उठने के तरीके बताऊंगा:
* यकायक कोई बड़ा परिवर्तन न करें – यदि आप 8 बजे उठते हैं तो कल सुबह 5 बजे उठने के लिए अलार्म नहीं लगायें। धीमी शुरुआत करें। कुछ दिनों के लिए समय से 15मिनट पहले उठने लगें। एक हफ्ते बाद आधे घंटे (15 मिनट बढाकर) पहले उठने लगें। ऐसा ही तब तक करें जब तक आप तय समय तक न पहुँच जायें।
* थोड़ा जल्दी सोने का प्रयास करें – देर रात तक टी वी देखने या इन्टरनेट पर बैठने के कारण आपको देर से सोने की आदत होगी लेकिन यदि आप सवेरे जल्दी उठने की ठान लें तो यह आदत आपको बदलनी पड़ेगी। अगर आपको जल्द नींद न भी आती हो तो भी समय से कुछ पहले बिस्तर पर लेट जायें। चाहें तो कोई किताब भी पढ़ सकते हैं। अगर आप दिनभर काम करके ख़ुद को थका देते हों तो आपको जल्द ही नींद आ जायेगी।
* अलार्म घड़ी को पलंग से दूर रखें – यदि आप अपनी घड़ी या मोबाइल में अलार्म लगाकर उसे सिरहाने रखते हैं तो सवेरे तय समय पर अलार्म बजने पर आप उसे बंद क़र देते हैं या स्नूज़ कर देते हैं। उसे पलंग से दूर रखने पर आपको उसे बंद करने के लिए उठना ही पड़ेगा। एक बार आप पलंग से उतरे नहीं कि आप अपने पैरों पर होंगे! अब पैरों पर ही बनें रहें और काम में लग जायें।
* अलार्म बंद करते ही बेडरूम से निकल जायें – अपने दिमाग में बिस्तर पर फ़िर से जाने का ख्याल न आने दें। कमरे से बाहर निकल जायें। मेरी आदत है कि मैं उठते ही बाथरूम चला जाता हूँ। बाथरूम से निकलने के बाद ब्रश करते ही दिन शुरू हो जाता है।
* उधेड़बुन में न रहें – यदि आप सोचते रहे कि उठें या न उठें तो आप उठ नहीं पाएंगे। बिस्तर पर जाने का ख्याल मन में आने ही न दें।
* अच्छा कारण चुनें – सुबह-सुबह करने के लिए कोई ज़रूरी काम चुन लें। इससे आपको जल्दी उठने में मदद मिलेगी। मैं सवेरे ब्लॉग पर लिखना पसंद करता हूँ – यह मेरा कारण है। जब यह काम हो जाता है तब मैं आपके कमेंट्स पढ़ना पसंद करता हूँ।
* जल्दी उठने को अपना पारितोषक बनायें – शुरू में यह लग सकता है कि आप जल्दी उठने के चक्कर में ख़ुद को सता रहे हैं। लेकिन यदि आपको इसमें आनंद आने लगा तो आपको यह एक उपहार/पुरस्कार लगने लगेगा। मेरा पारितोषक है गरमागरम कॉफी बनाकर किताब पढ़ना। स्वादिष्ट नाश्ता बनाकर खाना या सूर्योदय देखना या ध्यान करना आपका पारितोषक हो सकता है। कुछ ऐसा ढूंढें जिसमें आपको वास्तविक आनंद मिलता हो और उसे अपनी प्रातः दिनचर्या का अंग बना लें।
* बाकी बचे हुए समय का लाभ उठायें – सिर्फ़ 1-2 घंटा पहले उठकर कम्प्युटर पर ज्यादा काम या ब्लॉगिंग करने में कोई तुक नहीं है। यदि यही आपका लक्ष्य है तो कोई बात नहीं। जल्दी उठकर मिले अतिरिक्त समय का दुरुपयोग न करें। अपने दिन को बेहतर शुरुआत दें। मैं बच्चों का लंच बनाता हूँ, दिन में किए जाने वाले कामों की योजना बनाता हूँ, कसरत/ध्यान करता हूँ, पढता हूँ। सुबह के 7:00 तक तो मैं इतना कर चुका होता हूँ जितना दूसरे कई लोग दिनभर में करते हैं।


शुक्रवार, 15 जनवरी 2016

मृत्यु जीवन का एक अटल सत्य है

मृत्यु जीवन का एक अटल सत्य है



मृत्यु एक सत्य हैं Mrityu Ek Atal Satya Hain यह सत्य वचन एक हिंदी कहानी के जरिये आपके सामने रखा गया हैं | जीवन जन्म और मृत्यु के बीच का एक भ्रम हैं जिसे हम अनन्तकाल तक देखते हैं वास्तव में वह मृत्यु तक ही सीमित हैं | पढ़े हिंदी कहानी मृत्यु एक अटल सत्य हैं Mrityu Ek Atal Satya Hain………
एक राधेश्याम नामक युवक था | स्वभाव का बड़ा ही शांत एवम सुविचारों वाला व्यक्ति था | उसका छोटा सा परिवार था जिसमे उसके माता- पिता, पत्नी एवम दो बच्चे थे | सभी से वो बेहद प्यार करता था |
इसके अलावा वो कृष्ण भक्त था और सभी पर दया भाव रखता था | जरूरतमंद की सेवा करता था | किसी को दुःख नहीं देता था | उसके इन्ही गुणों के कारण श्री कृष्ण उससे बहुत प्रसन्न थे और सदैव उसके साथ रहते थे | और राधेश्याम अपने कृष्ण को देख भी सकता था और बाते भी करता था | इसके बावजूद उसने कभी ईश्वर से कुछ नहीं माँगा | वह बहुत खुश रहता था क्यूंकि ईश्वर हमेशा उसके साथ रहते थे | उसे मार्गदर्शन देते थे | राधेश्याम भी कृष्ण को अपने मित्र की तरह ही पुकारता था और उनसे अपने विचारों को बाँटता था |
एक दिन राधेश्याम के पिता की तबियत अचानक ख़राब हो गई | उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया | उसने सभी डॉक्टर्स के हाथ जोड़े | अपने पिता को बचाने की मिन्नते की | लेकिन सभी ने उससे कहा कि वो ज्यादा उम्मीद नहीं दे सकते | और सभी ने उसे भगवान् पर भरोसा रखने को कहा |
तभी राधेश्याम को कृष्ण का ख्याल आया और उसने अपने कृष्ण को पुकारा | कृष्ण दौड़े चले आये | राधेश्याम ने कहा – मित्र ! तुम तो भगवान हो मेरे पिता को बचा लो | कृष्ण ने कहा – मित्र ! ये मेरे हाथों में नहीं हैं | अगर मृत्यु का समय होगा तो होना तय हैं | इस पर राधेश्याम नाराज हो गया और कृष्ण से लड़ने लगा, गुस्से में उन्हें कौसने लगा | भगवान् ने भी उसे बहुत समझाया पर उसने एक ना सुनी |
तब भगवान् कृष्ण ने उससे कहा – मित्र ! मैं तुम्हारी मदद कर सकता हूँ लेकिन इसके लिए तुम्हे एक कार्य करना होगा | राधेश्याम ने तुरंत पूछा कैसा कार्य ? कृष्ण ने कहा – तुम्हे ! किसी एक घर से मुट्ठी भर ज्वार लानी होगी और ध्यान रखना होगा कि उस परिवार में कभी किसी की मृत्यु न हुई हो | राधेश्याम झट से हाँ बोलकर तलाश में निकल गया | उसने कई दरवाजे खटखटायें | हर घर में ज्वार तो होती लेकिन ऐसा कोई नहीं होता जिनके परिवार में किसी की मृत्यु ना हुई हो | किसी का पिता, किसी का दादा, किसी का भाई, माँ, काकी या बहन | दो दिन तक भटकने के बाद भी राधेश्याम को ऐसा एक भी घर नहीं मिला |
तब उसे इस बात का अहसास हुआ कि मृत्यु एक अटल सत्य हैं | इसका सामना सभी को करना होता हैं | इससे कोई नहीं भाग सकता | और वो अपने व्यवहार के लिए कृष्ण से क्षमा मांगता हैं और निर्णय लेता हैं जब तक उसके पिता जीवित हैं उनकी सेवा करेगा |
थोड़े दिनों बाद राधेश्याम के पिता स्वर्ग सिधार जाते हैं | उसे दुःख तो होता हैं लेकिन ईश्वर की दी उस सीख के कारण उसका मन शांत रहता हैं |
दोस्तों इसी प्रकार हम सभी को इस सच को स्वीकार करना चाहिये कि मृत्यु एक अटल सत्य हैं उसे नकारना मुर्खता हैं | दुःख होता हैं लेकिन उसमे फँस जाना गलत हैं क्यूंकि केवल आप ही उस दुःख से पिढीत नहीं हैं अपितु सम्पूर्ण मानव जाति उस दुःख से रूबरू होती ही हैं | ऐसे सच को स्वीकार कर आगे बढ़ना ही जीवन हैं |
कई बार हम अपने किसी खास के चले जाने से इतने बेबस हो जाते हैं कि सामने खड़ा जीवन और उससे जुड़े लोग हमें दिखाई ही नहीं पड़ते | ऐसे अंधकार से निकलना मुश्किल हो जाता हैं | जो मनुष्य मृत्यु के सत्य को स्वीकार कर लेता हैं उसका जीवन भार विहीन हो जाता हैं और उसे कभी कोई कष्ट तोड़ नहीं सकता | वो जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ता जाता हैं |

 

स्‍टार्टअप इंडिया | Startup India

स्‍टार्टअप इंडिया

नई दिल्ली। मोदी सरकार का 'स्‍टार्टअप इंडिया, स्‍टैंडअप इंडिया' इवेंट शुरू हो गया है। इवेंट को संबोधित करते हुए वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि स्‍टार्टअप इंडिया से देश...

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नई दिल्ली। मोदी सरकार का 'स्‍टार्टअप इंडिया, स्‍टैंडअप इंडिया' इवेंट शुरू हो गया है। इवेंट को संबोधित करते हुए वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि स्‍टार्टअप इंडिया से देश...

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स्‍टार्टअप इंडिया...

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स्‍टार्टअप इंडिया...

नई दिल्ली। मोदी सरकार का 'स्‍टार्टअप इंडिया, स्‍टैंडअप इंडिया' इवेंट शुरू हो गया है। इवेंट को संबोधित करते हुए वित्‍त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि स्‍टार्टअप इंडिया से देश में ‘लाइसेंस राज’ खत्‍म होगा। स्‍टार्टअप को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है। इसमें देश को आगे बढ़ाने की क्षमता है। स्‍टार्टअप इंडिया एक कैम्‍पेन है। इससे पहले, पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया कि स्‍टार्टअप इंडिया युवा कारोबारियों की ताकत है।
डीआईपीपी सेक्रेटरी अमिताभ कांत ने इवेंट को शुरू करते हुए कहा कि देश में स्‍टार्टअप के लिए इकोसिस्‍टम डेवलप हो गया है। सरकार इस दिशा में कदम बढ़ा रही है। स्‍टार्टअप्‍स के ग्रोथ में टेक्‍नोलॉजी का अहम रोल है। इवेंट में वित्‍त मंत्री अरुण जेटली और कॉमर्स मिनिस्‍टर निर्मला सीतारमण सहित लोग मौजूद हैं।
स्‍टार्टअप के लिए नए इकोसिस्‍टम की जरूरत: जेटली
- वित्‍त मंत्री जेटली ने कहा कि देश में आंत्रप्रेन्‍योर्स को बढ़ावा देने के लिए नए इकोसिस्‍टम की जरूरत है, जो कि कारोबारियों के लिए अनुकूल हो।
- स्‍टार्टअप में रेग्‍युलेशन जितना कम होगा, उतना बेहतर रहेगा। स्‍टार्टअप को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है।
- कारोबार में सरकार का दखल कम हुआ है। कारोबार बढ़ाने के लिए बेहतर टैक्‍स व्‍यवस्‍था जरूरी है।
- मोदी सरकार में कारोबार करना आसान हुआ है। सरकार के पास नौकरियां देने का सीमित मौका है। स्‍टार्टअप से नए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
- इमर्जिंग देशों में भारत सबसे तेजी से डेवलप करने वाली इकोनॉमी है। भारत की ग्रोथ मजबूत है लेकिन उसे अभी कई चुनौतियों से निपटना होगा।
बैंक 2 साल में तैयार करेंगे 3 लाख आंत्रप्रेन्‍योर
- जेटली ने कहा कि स्‍टार्टअप इंडिया के जरिए बैंक अगले दो साल में देश में 3 लाख आंत्रप्रेन्‍योर तैयार करेंगे।
- बैंक की प्रत्‍येक ब्रांच कम से कम दो आंत्रप्रेन्‍योर तैयार करेगी। इसमें से एक एससी या एसटी और एक वुमेन कैटेगरी के होंगे।
- मुद्रा योजना से स्‍माल बिजनेस शुरू करने में माहौल बना है। 1.73 करोड़ आंत्रप्रेन्‍योर्स को मुद्रा प्रोग्राम के तहत लोन मिला है। मैन्‍युफैक्‍चरिंग में सुधार हो रहा है।
फंडिंग में 50 फीसदी की ग्रोथ हुई: सीतारमण
- स्‍टार्टअप इवेंट में कॉमर्स मिनिस्‍टर निर्मला सीतारमण ने कहा कि बीते एक साल में स्‍टार्टअप को मिलने वाली फंडिंग में 50 फीसदी की ग्रोथ देखी गई है। हम सभी मंत्रालयों को स्‍टार्टअप के साथ जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
- सीतारमण ने कहा कि सरकार स्‍टार्टअप्‍स के लिए एक्जिट नॉर्म्‍स पर भी काम कर रही है। सीतारमण ने कहा कि स्‍टार्टअप के लिए सरकार सुविधा देने का काम कर रही है।
भारत में स्‍टार्टअप बढ़ने की संभावना: वर्ल्‍ड बैंक
- वर्ल्‍ड बैंक के प्रेसिडेंट ओन्‍नो रूहल ने स्‍टार्टअप इंडिया इवेंट में कहा कि भारत में स्‍टार्टअप के लिए काफी संभावनाएं मौजूद हैं।
- रूहन ने कहा कि इनोवेशन और लोगों को रोजगार की जरूरत है। इसमें स्‍टार्टअप अहम रोल निभा सकते हैं।
10 अरब डॉलर का इन्‍वेस्‍टमेंट करेंगे: सॉफ्ट बैंक सीईओ
- सॉफ्ट बैंक के सीईओ मासायोशी सन ने कहा कि बीते एक साल में हमने भारत में 2 अरब डॉलर का इन्‍वेस्‍टमेंट किया है। इसे बढ़ाकर 10 अरब डॉलर करेंगे।
अगले 5 से 10 बाद में स्‍टार्टअप का फोकस कस्‍टमर सेटिफेक्‍शन पर होगा। 21वीं सदी भारत के नाम होगी।
- स्‍टार्टअप में इन्‍वेस्‍टमेंट स्‍मार्ट तरीके से करना होगा। आप अपने पैसे को ऐसे ही बर्बाद नहीं कर सकते हैं।
- भारत के छोटे शहरों में आंत्रप्रेन्‍योर्स के लिए बड़े मौके हैं। इन्‍वेस्‍टमेंट पर फैसला लेने में स्‍टार्टअप को लेकर आपकी सोच और उससे जुड़ाव अहम रोल निभाता है।
सॉफ्ट बैंक ने स्‍टार्टअप्‍स के लिए दिए 6 टिप्‍स:-
1. 5 से 10 साल तक प्रॉफिट के बारे में न सोचें
2. पहले कस्‍टमर्स को अपने साथ जोड़ने पर फोकस करें
3. कस्‍टमर सेटिसफेक्‍शन
4. बिजनेस बढ़ाने के लिए कदम उठाइए
5. एक्टिव यूजर बेस पर फोकस करें
6. क्‍लीयर विजर रखें
स्टार्टअप तैयार करने में भारत तीसरे नंबर पर
- नैसकॉम की साल 2015 की रिपोर्ट के अनुसार भारत इस समय दुनिया में स्टार्टअप इकोसिस्टम के मामले में मामले में तीसरे नंबर पर है।
- देश में इस समय करीब 4200 स्टार्टअप हैं।
- स्टार्टअप इकोसिस्टम के मामले में अमेरिका पहले नंबर पर और यूनाइटेड किंगडम दूसरे नंबर पर है।
- नैसकॉम के अनुसार 2020 तक देश में स्टार्टअप की संख्या 11,000 के आंकड़े को पार कर सकती है।
- देश में स्टार्टअप आंत्रप्रेन्योर की औसत उम्र 28 साल है।
- 2015 में भारतीय स्टार्टअप को करीब 900 करोड़ डॉलर की फंडिंग हुई है।
- स्टार्टअप इंडिया इवेंट में देश के बेस्ट स्टार्टअप का भी सेलेक्शन होगा। गूगल बेस्ट स्टार्टअप को एक लाख डॉलर का प्राइज देगा
इन स्टार्टअप्स के प्रमुख होंगे शामिल
1. सॉफ्ट बैंक के सीईओ मासायोसी सन
2. उबर के फाउंडर ट्राविस कालानिक
3. वीवर्क के फाउंडर एडम न्यूमैन
4. सॉफ्ट के प्रेसिडेंट नीकेश अरोड़ा
5. पेटीएम के प्रमुख विजय शेखर शर्मा
6. स्नैपडील के फाउंडर कुनाल बहल
7. ओला के फाउंडर एंड सीईओ भवेश अग्रवाल
8. गूगल के वाइसप्रेसिडेंट राजन आनंदन
9. फ्लिपकार्ट के फाउंडर सचिन बंसल
10. इनमोबी के फाउंडर नवीन तिवारी
देर से जागा भारत: राष्‍ट्रपति
‘स्टार्टअप’ अभियान की शुरुआत से पहले राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा, ‘भारत इस पर देर से ‘जागा’ है। इसके लिए मैं भी जिम्मेदार हूं।’ सिलिकॉन वैली के कुछ सीईओ के प्रतिनिधिमंडल से बात करते हुए मुखर्जी ने कहा कि भारत को अगले 10 से 15 साल में 10 फीसदी की दर से विकास करने की जरूरत है।

गुरुवार, 14 जनवरी 2016

गोल्ड मोनेटाईज़ेशन स्कीम के फायदे

भारत सरकार द्वारा इस वर्ष कई तरह की अच्छी योजनाये शुरू की गई हैं जिनका लाभ देश की जनता को मिलेगा साथ ही इससे देश की अर्थ व्यवस्था में भी सुधार होगा | शायद इसे ही कहते हैं सबके साथ सबका विकास | इसी सोच के साथ एक नहीं गोल्ड मोनेटाईजेशन स्कीम का विमोचन किया जा रहा हैं |

 


Gold Monetization Scheme in Hindi

गोल्ड मोनेटाईजेशन स्कीम 

अगर आपके पास आपकी जरूरत से अधिक सोना है तथा वह सिर्फ आपकी तिजोरी मे रखा हुआ है और आपके किसी काम का नहीं है तो आप उसका लाभ ले सकते है इसके लिए आपको अपना सोना बैंक मे रखना होगा तथा बैंक आपको उसके एवज मे ब्याज देगा | यह ब्याज ठीक उसी तरह मिलेगा जैसे एफ़डी पर मिलता है। आपको इस सोने के एवज मे मिलने वाले ब्याज पर कोई इनकम टेक्स या पूंजीगत लाभ कर/ टैक्स नहीं लगेगा।
  • गोल्ड मोनेटाईजेशन योजना शुरू की जाने वाली तिथी :
सरकार ने इस साल बजट मे गोल्ड मोनेटाईजेशन स्कीम योजना की घोषणा की थी। यह योजना गोल्ड डिपाजिट स्कीम के स्थान पर शुरू की गई हैं | इसमें कई संशोधन किये गये हैं जिसके बाद गोल्ड मोनेटाईजेशन स्कीम की घोषणा की गई थी और अब 5 नवंबर 2015 को यह योजना लागु की जा रही हैं |
  • गोल्ड मोनेटाईजेशन योजना के अंतर्गत आने वाली शर्ते :
  1. योजना का मूल रूप :
अगर कोई व्यक्ति इस योजना का लाभ लेना चाहता है तो उसे कम से कम 30 ग्राम सोना जमा करना होगा। इस योजना के अंतर्गत अधिक्तम सोने की मात्रा का निर्धारण नही किया गया हैं | अर्थात जमाकर्ता 30 ग्राम से लेकर अपनी इच्छानुसार सोना जमा कर सकता हैं |इस सोने के एवज में बैंक द्वारा ग्राहक को ब्याज दिया जायेगा | इस स्वर्ण जमा खाते पर वही नियम लागू होंगे जो सामान्यतः किसी जमा खाते पर होते हैं |
  1. योजना के तहत शर्ते :
  • सोना जमा करने की अवधि कम से कम 1 साल होनी चाहिए | एक साल से कम अवधि के लिए सोना जमा नहीं किया जा सकता |
  • जमा किया जाने वाला सोना ज्वेलरी, सिक्के, बिस्किट किसी भी रूप मे हो सकता है।
  • गोल्ड मोनेटाईजेशन स्कीम का फायदा कोई भी भारतीय मूल का व्यक्ति का उठा सकता हैं |
  1. ब्याज संबंधी शर्ते :
  • ब्याज का मूल्यांकन सोने के रूप मे किया जाएगा। मतलब ग्राहक यदि 100 ग्राम सोना जमा करता है तो बैंक उसे 5 प्रतिशत ब्याज देता है तथा समय पूरा होने पर ग्राहक के खाते मे 105 ग्राम सोना होगा। ग्राहक चाहे तो 105 ग्राम सोना ले सकता है लेकिन वही सोना नहीं मिलेगा जो ग्राहक के द्वारा जमा किया गया था।
  • सोना जमा करने के बाद ब्याज उस दिन से शुरू होगा जब सोने की पूरी तरह जांच हो जाने पर उसे प्रमाणित किया जा चूका होगा | इसके लिए 30 दिन की अवधि दी गई हैं |
  • इसमे ब्याज दर बैंक अपने हिसाब से तय करेगी तथा आप यह ब्याज नगद तथा सोने दोनों के रूप मे ले सकते है परंतु यह सोना जमा करते वक़्त तय करना होगा की आप ब्याज किस रूप मे लेना चाहते है। तथा आप इसे एफ़डी की ही तरह समय से पहले ही तोड़ भी सकते है।
  1. सोना संबंधी शर्ते
  • यू तो सोना 20, 22 तथा 24 कैरेट का होता है ऐसे मे सवाल यह उठता है की इसकी कीमत कैसे तय होगी। देश मे मानक ब्यूरो द्वारा मान्यता प्राप्त 350 होलमार्क केंद्र है | जहाँ से ही सोने की शुद्धता की जाच करवानी होगी। तथा इन केन्द्रो से प्राप्त सर्टिफिकेट के आधार पर ही सोना बैंको मे रखा जाएगा।
  • जमा कार्ता द्वारा जमा किये गये सोने का परिक्षण किया जायेगा | प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही जमा कर्ता इस योजना का लाभ उठा सकेंगे |
  1. लॉक इन पीरियड संबंधी शर्ते :
इस योजना के तहत तीन लॉक इन पीरियड होंगे :
  • शॉर्ट टर्म : (1-3 वर्ष)
  • मीडियम टर्म : (5-7 वर्ष )
  • लॉन्ग टर्म : (12-15 वर्ष )
इसके अलावा अगर कोई मेच्युरिटी टाइम के पहले इसे बंद करना चाहता हैं तो इसके लिये सभी बैंक में अपने हिसाब से शर्ते बनाई गई हैं |
इस योजना के सरकार व बैंको को फायदे
  • माना जा रहा है कि घरो तथा अन्य संस्थानो मे करीब 20 हजार टन सोना पड़ा हुआ है जिसकी कीमत करीब 60 लाख करोड़ रूपये है। अगर यह सोना बैंको के पास आता है तो बाजार मे लिक्विडिटी बढ़ेगी ।
  • सोने की खपत सबसे ज्यादा भारत मे होती है। हर साल 800 से 1000 टन सोना आयात किया जाता है। आयात कम होगा तो विदेशी मुद्रा बचेगी ।
  • बैंक विदेशी मुद्रा के लिए ये सोना बेच सकेगी। मिली विदेशी मुद्रा से कर्ज दे सकेंगे। तथा बैंक इनके सिक्के बनाकर अन्य ग्राहको को भी बेच सकती है। कमोडिटी एक्स्चेंज पर ट्रेडिंग भी हो सकती है।
गोल्ड मोनेटाईजेशन लाभ एवम हानी
क्र. लाभ हानि
1 इस योजना के तहत गोल्ड जमा करने पर धारक को ब्याज मिलता हैं | इस योजना के तहत गोल्ड जमा करने पर आपका सोना उपयोग में ले लिया जायेगा | समयावधि पूरी होने पर अथवा आपके अनुसार जब भी आपको सोना चाहिये आपको सोना आपके मूर्त रूप में नही मिलेगा |
2 इससे व्यक्ति घर में पड़ा सोना उपयोग कर सकता हैं | सोने की जाँच की जायेगी उसके अनुसार जितना सोना होगा उतना ही ब्याज मिलेगा | और कोई भी गोल्ड आभूषण में पूरा प्रतिशत सोना नही होता | इसका नुकसान धारक को हो सकता हैं |
3 इससे देश की अर्थ व्यवस्था में सुधार होगा | इससे धारक को उतना भी ब्याज नहीं मिलेगा जितना उसे अन्य पालिसी के तहत मिलता हैं |
4 इस योजना के तहत देश में सोना आयात कम होगा | निर्यात भी करना संभव हो सकेगा | इसमें व्यक्ति को अपने चहेते सोने के आभूषण का मोह छोड़ना होगा |
5 बैंक को भी इस योजना से फायदा होगा | बैंक के द्वारा ब्याज दर लगाई जायेगी जो कम भी आँकी जा सकती हैं और कुछ बैंक में ब्याज के रूप में सोने के बदले पैसा ब्याज में दिया जा सकता हैं |
6 इस योजना के तहत अधिकतम की कोई सीमा नहीं हैं इसका फायदा ग्राहक को मिलेगा | इस योजना के तहत न्यूनतम मात्रा फिक्स की गई हैं जिसके कारण कई लोग जिनके पास कम सोना हैं लेकिन वे इसमें इन्वेस्ट करना चाहते हैं स्वत: ही योजना से बाहर हो जायेंगे | इस कारण कुछ लोग चाहकर भी हिस्सा नहीं बन पायेंगे |
यह सरकार द्वारा देश के लोगो को दिवाली का एक बहुत बेहतर गिफ्ट साबित होगा इस योजना का हिस्सा बनकर आप अपने साथ देश के विकास में भी योगदान देंगे ऐसा अवसर आपको गँवाना नहीं चाहिये | Gold monetization scheme Yojana गोल्ड मोनेटाईज़ेशन स्कीम के बारे में पढ़ने से आपको हेल्प मिली हैं तब कमेंट करें |


 

सातवे वेतन आयोग | Seventh pay Commission In Hindi

सातवे वेतन आयोग | Seventh pay Commission In Hindi

Seventh pay Commission In Hindi के माध्यम से हम आपको सरकार की सातवे वेतन आयोग के बारे मे विस्तार से जानकारी देना चाहते है, जो कि सरकारी कर्मचारी के लिए काफी लाभदायक है. कहा जा रहा है की अगले साल जनवरी मे सातवे वेतन आयोग की रिपोर्ट पेश की जाएगी और इस सातवे वेतन आयोग मे अपनी शर्ते मनवाने के लिए हर तबके के सरकारी कर्मचारी कोशिश मे है वे अपनी मांगे सरकार के सामने रख रहे है ।

कहा जा रहा है की इसके लागू होने के बाद सरकारी कर्मचारियो की पेंशन बड जाएगी साथ ही साथ इसका फायदा उन लोगो को भी होगा जो रिटायर हो चुके है तथा सरकार द्वारा पेंशन के अधिकारी है। यह सतवा वेतन आयोग मुख्यतः 36 लाख केंद्रीय कर्मचारियो को लाभ देने के उद्देश्य को लेकर बनाया गया है। अब इस सातवे वेतन आयोग को लेकर आयोग अध्यक्ष के सामने सबसे बड़ी चुनोती यह है की वह हर वर्ग के कर्मचारी के मध्य संतुलन कैसे बनाए रखता है।
अब हर वर्ग यह कोशिश मे है की उनका वेतन व अवदा अन्य वर्ग की तुलना मे बराबर हो । हर कोई चाहता है की उनका वेतन बढ जाए। आने वेतन को लेकर कर्मचारियो तथा उनके संगठनो द्वारा मेमोरेंडम दिये जा रहे है । कहा तो यह भी जा रहा है की सातवे वेतन आयोग के आने के बाद वेतन बढने के साथ साथ 10 करोड़ लोगो को नौकरी भी दी जाएगी।

सातवे वेतन आयोग (Seventh pay Commission) के द्वारा इन डिपार्टमेंट को लाभ होगा :

  • इंडियन रेलवे (स्टेशन मास्टर, अससिस्टेंट स्टेशन मास्टर, गार्ड, ड्राईवर, टिकिट चेकर, TT आदि )
  • प्राइमरी टीचर
  • अससिस्टेंट प्रोफेसर
  • हाइ स्कूल टीचर
  • नॉन टिचिंग स्टाफ
  • वह व्यक्ति जो सरकार से पेंशन लेते है
  • आर्मी कर्मचारी
  • PGT टीचर
  • AICTE टीचर
  • एसोशिएट प्रोफेसर
  • आर्मी पेंशनर
  • बैंक कर्मचारी
  • BMC कर्मचारी
  • BSNL कर्मचारी
  • BSF (border security फोर्स)
  • CBSC टीचर
  • प्यून
  • वाचमैन
  • Lecturers
  • Gujarat supervisor instructor
  • Gujarat foreman instructor
  • प्रिन्सिपल
  • हेड मास्टर
  • डॉक्टर
  • इंजीनीयर
  • एयर फोर्स
  • नेवी
  • IAS ऑफिसर
  • IPS ऑफिसर
  • IRS ऑफिसर
  • जुड़ीशियल स्टाफ
  • KVS टीचर
  • लैब अससिसटेन्ट
  • लाइब्रेरियन
  • लोअर डिविजन क्लर्क
  • अपर डिविजन क्लर्क
  • मेडिकल ऑफिसर
  • पेरामेडीकल स्टाफ
  • नर्सेस
  • पोलिटकनिक स्टाफ
  • पुलिस
  • PSU पब्लिक सैक्टर यूनिट
  • यूनिवरसिटी स्टाफ
  • यूजीसी स्टाफ
  • ITI स्टाफ
  • केंद्रीय विधालय
  • गुजरात और महाराष्ट्र कोर्ट जूनियर क्लर्क

सातवा वेतन आयोग वेतनश्रेणी

भारतीय रेल्वे मे सातवे वेतन आयोग ( 7th pay Commission pay grade) का प्रभाव:
भारतीय रेल्वे भारत की सबसे बड़ी ऑर्गनाइज़ेशन है कहा जा सकता है की यह भारत की ही नही अपितु वर्ल्ड की सबसे बड़ी ऑर्गनाइज़ेशन है। इसमे 1 मिल्यन कर्मचारी काम करते है। सातवा वेतन आयोग लागू होने के बाद रेलवे कर्मचारियो के वेतन ने बहुत बडत होगी और यह सभी विभागो मे होगी। नीचे रेलवे के विभिन्न विभागो की अनुमानित सैलरी दी जा रही है परंतु यह फ़ाइनल नही है।
पे स्केल ग्रेड पे एंट्री पे
असिस्टेंट स्टेशन मास्टर 15600-60600 8400 340800
सफ़ाईवाला 15600-60600 5400 21000
कूक 15600-60600 5400 21000
खलासी हेल्पर 15600-60600 5400 21000
कमर्शियल सुपरिटेंडेंट 29900-104400 13800 51420
commercial clerk 15600-60600 8400 34080
प्राइमरी टीचर्स (Primary Teacher 7th Pay Commission pay scale in hindi) के लिए सातवे वेतन आयोग का प्रभाव :
प्राइमरी टीचर भी एक ऐसा विभाग है जो सातवे वेतन आयोग लागू होने पर अपने वेतन को लेकर काफी उत्सुक है। अभी तक ऐसा कोई official announcement नहीं हुआ है की टीचर की सैलरी कहा तक बड़ाई जाएगी पर परंतु फिर भी हम यहा टीचर की कुछ अनुमानित सैलरी बता रहे है जो इस प्रकार है।
  • वर्तमान का टीचर्स का पे स्केल : 9300 रूपय से लेकर 34800 रूपय तक तथा साथ ही मे ग्रेड पे 4800 रूपय ।
  • टीचर्स का सातवे वेतन आयोग के अनुसार नया अनुमानित पे स्केल : 29900 रूपय से 104400 तथा साथ ही मे ग्रेड पे 14400 रूपय ।
अस्सीस्टेन्ट प्रोफेसर (Assitant proffesor 7th Pay Commission pay scale) के वेतन मे सातवे वेतन आयोग का प्रभाव :
प्राइमरी टीचर्स की ही तरह अस्सीस्टेन्ट प्रोफेसर की सैलरी मे भी कुछ इजाफा होगा जो इस प्रकार है :
  • वर्तमान पे स्केल : 15600 रूपय से लेकर 39100 रूपय तक तथा साथ मे ग्रेड पे 6600 रूपय तथा एंट्री पे 25530 रूपय ।
  • अस्सीस्टेन्ट प्रोफेसर का सातवे वेतन आयोग के अनुसार वेतन : 46800 रूपय से लेकर 117300 तक तथा साथ मे ग्रेड पे 19800 तथा एंट्री पे 76590।
यह अस्सीस्टेन्ट प्रोफेसर का अनुमानित पे स्केल है जो की सातवे वेतन आयोग के लागू होने के बाद अस्सीस्टेन्ट प्रोफेसर के लिए अनुमान लगाया जा रहा है।
बैंक कर्मचारियो (Bank officer 7th Pay Commission pay scale) के लिए सातवे वेतन आयोग का प्रभाव :
भारत मे कई लोग इस सातवे वेतन आयोग के आने का इंतजार कर रहे है कई ऐसे कर्मचारी है जोह इसका उत्सुकता से इंतजार कर रहे है जैसे इंडियन रेल्वे, टीचर्स और भी कई सरकारी कर्मचारी और अन्य। परंतु यह बात किसी को नहीं पता की बैंक कर्मचारियो के वेतन पर इस सातवे वेतन आयोग का कोई प्रभाव नही पड़ेगा । बैंक का अपना अलग मेथड होता है जिसके द्वारा वे अपने कर्मचारियो का वेतन केलकुलेट करते है । बैंक के द्वारा सैलरी बनाते समय वेतन आयोग के नियमो को फॉलो नही किया जाता परंतु उनका सैलरी घोषित करने के नियम वेतन आयोग से मिलते जुलते ही रहते है।
कई जगह यह अफवाह फैलाई जा रही है की सातवे वेतन आयोग के आने के बाद बैंक कर्मचारियो का वेतन भी बडेगापरंतु IBA के चेयरमेन मिस्टर TM भसीन ने इस बात से इंकार किया है।
प्यून (Peon 7th Pay Commission pay scale) के लिए सातवे वेतन आयोग का प्रभाव:
सभी सरकारी ऑफिस मे प्यून एक चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी है। प्यून वह व्यक्ति है जो उसके सीनियर अधिकारी का ऑर्डर मानता है तथा वह एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी होने के बाद भी अपने ऑफिस की सारी जानकारी रखता है । वह केंद्रीय सरकार का एक महत्वपूर्ण कर्मचारी है यहा पर हम सातवे वेतन आयोग मे प्यून का अनुमानित वेतन बता रहे है परंतु यह वेतन अभी तक घोषित नहीं किया गया है यह केवल अनुमानित वेतन है ।
प्यून का वर्तमान वेतन : 5200 रूपय से लेकर 20200 रूपय तक तथा साथ मे ग्रेड पे 7000 रूपय, एंट्री ग्रेड + बैंड पे 7000 रूपय।
प्यून का सातवे वेतन आयोग के अनुसार अनुमानित वेतन : 15600 रुए से लेकर 60600 रूपय तक तथा साथ मे ग्रेड पे 5400 रूपय, एंट्री पे 21000 ।
गुजरात ITI सूपर्वाइज़र इन्सट्रक़टर के लिए पे स्केल :
सूपर्वाइज़र इन्सट्रक़टर एक ITI टीचिंग पोस्ट है जो की सभी राज्यो के लिए है। ITI से तात्पर्य इंडस्ट्रियल ट्रैनिग इंस्टीट्यूट से है । इसके द्वारा देश मे टेक्निकल क्वालिटी एडुकेशन दिया जाता है। ITI को सभी राज्यो की राज्य सरकार द्वारा संचालित किया जाता है। सातवे वेतन आयोग का लाभ डाइरैक्ट इस संस्था को नहीं मिलेगा परंतु कई राज्यो ने सातवे वेतन आयोग को अपनाने की घोषणा कर दी है तो यहा इंका अनुमानित वेतन दिया जा रहा है जो इस प्रकार है ।
वर्तमान पे स्केल : 5200 रूपय से लेकर 20200 रूपय तक तथा साथ मे ग्रेड पे 2800 रूपय एंट्री पे 11360 रूपय।
सातवे वेतन आयोग के अनुसार अनुमानित वेतन : 15600 रूपय से लेकर 60600 रूपय तक तथा साथ मे ग्रेड पे 8400 रूपय तथा एंट्री पे 34080।
सूपर्वाइज़र इन्सट्रक़टर का वेतन उनके शहर तथा लोकेशन के हिसाब से बदलता रहता है । अगर आप मेट्रो शहर मे रह रहे है तो आपका वेतन छोटे शहर मे रहने वाले कर्मचारी से ज्यादा होगा।
गुजरात ITI फोरेमेन इन्सट्रक़टर के लिए पे स्केल :
ITI फोरेमेन इन्सट्रक़टर वे कर्मचारी है जो ITI संस्था मे काम करते है इनका वेतन भी सातवे वेतन आयोग के साथ बडेगा इनका सातवे वेतन आयोग के अनुसार अनुमानित वेतन इस प्रकार है परंतु यह वेतन भी अन्य वेतनों के अनुसार केवल अनुमानित वेतन है:
वर्तमान वेतन : 9300 रूपय से लेकर 34800 रूपय तक तथा साथ ही ग्रेड पे 4200 रूपय ।
सतवे वेतन आयोग (Seventh pay Commission) के अनुसार वेतन: 29900 रूपय से लेकर 104400 रूपय तक तथा साथ मे ग्रेड पे 12600 रूपय ।
सातवे वेतन आयोग के अनुसार प्राइमरी स्कूल प्रिन्सिपल का वेतन :
बहुत सारे प्रिन्सिपल को इस सातवे वेतन आयोग (Seventh pay Commission) का इंतजार है क्यूकी इसके आने के बाद उन्हे बहुत फ़ायदा पाहुचेगा। अभी आ रही खबरों के अनुसार प्रिन्सिपल की सैलरी मे अच्छा खासा परिवर्तन होगा । यहा पर केंद्रीय विधालयों का वेतन तथा अनुमानित वेतन दर्शाया जा रहा है जो इस प्रकार है।
वर्तमान पे स्केल : 15600 रूपय से लेकर 39100 रूपय तक तथा ग्रेड पे 6600 तथा एंट्री पे 25530 ।
सातवे वेतन आयोग (Seventh pay Commission) के अनुसार अनुमानित पे : 46800 रूपय से लेकर 117300 रूपय तक तथा ग्रेड पे 19800 तथा एंट्री पे 76590।
सातवे वेतन आयोग के अनुसार IAS अधिकारी का वेतन :
IAS मतलब Indian administrative officer भारत की मुख्य सर्विसों मे से एक है । इस विभाग के कर्मचारी को देश मे सबसे ज्यादा वेतन तथा अवदा रदन किया जाता है । अच्छे वेतन के साथ साथ ये लोग पावर, अच्छी पेंशन तथा और भी कई फैसिलिटी के अधिकारी होती है । इन विभाग के कर्मचारियो की वर्तमान तथा अनुमानित वेतन इस प्रकार है:
वर्तमान वेतन : एंट्री लेवेल पे स्केल/ ग्रेड पे 15600 रूपय से लेकर 39100 रुपय तक तथा बंद पे 5400 रूपय ।
अनुमानीय वेतन : 29900 से 104400 रूपय तक तथा ग्रेड पे 16200 रूपय ।
IAS अधिकारियों के लिए निम्न सुविधाए है :
  • हाउस रेंट अलाउसेन्स
  • Dearness अलाउसेन्स
  • फ्री पानी
  • बंगला
  • सेक्युर्टी गार्ड
  • फ्री बिजली
  • सरकारी वहाँ सुविधा
  • फ्री टेलीफ़ोन
  • जीवनभर पेंशन
  • और भी अन्य सुविधाए ।
सातवे वेतन आयोग के Advantages :
  • अगर सातवा वेतन आयोग लागू होता है तो कर्मचारी का पे स्केल कर्मचारी के drawn पे + ग्रेड पे +100% डीए के अनुसार calculate होगा ।
  • सातवे वेतन आयोग (Seventh pay Commission) मे रिटायर्ड कर्मचारियो की पेंशन तथा फ़ैमिली मे इजाफा होगा।
  • मिनिमम तथा मैक्सिमम वेजेस का अनुपात 1:8 होगा ।
  • सातवे वेतन आयोग मे पे स्केल निकालने का general का फार्मूला पीबी+जीपी * 3.7 होगा ।
  • सातवे वेतन मान के अनुसार वार्षिक इंक्रीमेंट 5% तक होगा ।
  • सतवे वेतन आयोग मे अगर किसी का प्रमोशन होता है तो उसका आय 2 इंक्रीमेंट के बराबर का इजाफा होगा या कहा जा सकता है की व्यक्ति के वेतन मे कम से कम 3000 रूपय की बदोतरी होगी ।
  • सतवे वेतन आयोग मे व्यक्ति का ओवर टाइम allowances व्यक्ति की टोटल बेसिक पे + डीए +full टीए के बराबर होगी ।
  • सातवे वेतन आयोग मे ग्रुप सी तथा डी के स्टाफ का ट्रान्सफर नही होगा तथा ट्रान्सफर प्रमोशन के वाट ही होंगे।
  • सातवे वेतन आयोग मे ट्रान्सफर के वक़्त ट्रान्सफर allowances मे भी इजाफा होगा।
  • सातवे वेतन आयोग मे सभी वर्कर जो की आउट साइड के है उन्हे रेगुलर किया जाएगा तथा उनके पहले 2 साल की सर्विस को छोड़कर उरे सर्विस समय को रेगुलर मे लिया जाएगा तथा उसी हिसाब से सारी सुविधाए दी जाएगी।
  • सातवे वेतन आयोग मे सभी कर्मचारियो को हाउसिंग की सुविधा दी जाएगी इसमे मे 70% दिल्ली मे तथा 40% अन्य शहरो मे दिये जाएंगे।
  • सातवे वेतन आयोग के अनुसार हाउसिंग बिल्डिंग allowances को और भी आसानी से प्राप्त किया जा सकता है ।
  • सातवे वेतन आयोग मे ट्रेवलिंग allowances मे भी इजाफा होगा इसके अनुसार executives days मे A1 ग्रेड Cities के लिए 5000 + डीए तथा A ग्रेड cities के लिए 3500 + डीए मिलेगा तथा non executives days मे A1 ग्रेड cities के लिए 4000 + डीए तथा A ग्रेड cities के लिए 2500 + डीए पर दिन मिलेगा।
  • सातवे वेतन आयोग मे कर्मचारियों के बच्चो की पढ़ाई मे ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन तथा टेक्निकल कोर्स के लिए 2 बच्चो तक शयता दी जाएगी।
  • सातवे वेतन आयोग मे हाउस रेंट allowances मे भी इजाफा होगा इसमे 1st क्लास cities मे 60% तथा अन्य classified cities मे 40% तथा unclassified लोकेशन पर 20% allowances दिये जाएंगे ।
  • सतवे वेतन आयोग मे हॉस्पिटल के कर्मचारियो को पेशंट केयर allowances दिया जाएगा ।
  • सातवे वेतन आयोग मे सभी allowances टाइम बड जाएंगे ।
  • सातवे वेतन आयोग मे सर्विस ट्रेनिंग के लिए sufficient बजेट दिया जाएगा ।
  • सातवे वेतन आयोग मे कैज्वल लीव बड़ाई जाएगी ।
  • सातवे वेतन आयोग मे May days को नेशनल होलिडे घोषित किया जाएगा ।
  • सातवे वेतन आयोग मे हॉस्पिटल लीव बढाकार 24 मंथ की जाएगी तथा इसमे 120 दिन का फुल पेमेंट तथा बाकी का आधा वेतन दिया जाएगा ।
  • सातवे वेतन आयोग मे महिलाओ को विशेष लाभ मिलेंगे जो निम्न है :
  1. महिलाओ के लिए 30% रिज़र्वेशन ।
  2. हसबेंड तथा वाइफ़ की पोस्टिंग एक ही जगह होगी ।
  3. Chronic बीमारी के टाइम 1 महीने की स्पेशल लीव दी जाएगी ।
  4. चाइल्ड केयर लीव की जगह फ़ैमिली केयर लेयव ए ली जा सकती है ।
  5. महिलाओ के लिए फ्लेक्सि टाइम फैसिलिटी दी जाएगी।
इन सब सुविधाओ के बाद भी सातवे वेतन आयोग मे व्यक्ति की आय बढ़ेगी और अगर व्यक्ति की आय बढेगी तो उसका स्टेंडर ऑफ लिविंग भी बढेगा तथा वह समाज के साथ चल पाएगा । व्यक्ति की आय बढने से उसकी सुख सुविधाए बढेंगी वह अपने बच्चो को अच्छे स्कूल मे पड़ा पाएगा अपने बच्चो को अच्छा हायर एजुकेशन दे पाएगा जिससे देश का भविष्य भी सुरक्शित होगा देश की आगे की पीढ़ी और भी अधिक होनहार होगी जो देश का विकास सही तरीके से कर पाएगी । अब तो बस यही इंतजार है की यह सातवे वेतन आयोग का निर्धारण जल्द से जल्द किया जाए तथा इसकी हर शर्त हर वर्ग के लोगो के हित मे हो जिससे हर वक्ती खुश रहकर तथा संतुष्ट होकर काम कर पाये परंतु जरूरी होगा की यह सातवा वेतन आयोग जल्द से जल्द लागू किया जाए।

Seventh Pay commission Latest News in Hindi

19 नवम्बर 2015 को वेतन आयोग अपनी सिफारिश पेश करने वाली है परन्तु खबर यह है की 15% का वेतन बढने की उम्मीद है| छटवा वेतन आयोग मैं 35% वेतन की वृद्धि हुई थी और यह निश्चित है की अगर ये सिफारिश मानी गयी तो सरकार को कर्मचारीयों का विद्रोह देखना होगा| सभी लोगो की निगाहे अभी इसपर है की कल यानी 19 नवम्बर को क्या होता है और हम आपको उसकी जानकारी जरूर देंगे|
19/11/2015
सांतवे वेतन आयोग के तहत  A.K. Mathur ने अपनी रिपोर्ट वित्त मंत्री अरुण जेटली को सौंपी जिसके बाद सातवा वेतन आयोग जनवरी 2016 को लागू कर दिया जायेगा जिसमे वेतन में वृद्धि के साथ वन रैंक वन पेंशन भी शामिल की जाएगी इन सभी का प्रभाव 2016-17 के बजट पर पड़ेगा |
वर्तमान नीति के अनुसार
  • सातवें वेतन आयोग के तहत 47 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 52 लाख पेंशनरों के लिए मूल वेतन में करीब 15 फीसदी की बढ़ोतरी की जाएगी |
  • 15 फीसदी वेतन वृद्धि के साथ महंगाई भत्ते में भी बढ़ोत्तरी की गई हैं इस प्रकार 23 प्रतिशत की वृद्धि की गई हैं |
  • मकान किराया भत्ता में भी वृद्धि की बात रखी गई हैं |
  • इस प्रकार न्यूनतम सैलरी 18,000/ माह से अधिकतम 2.5 लाख/ माह तक होगी |
  • वर्तमान केंद्रीय स्वास्थ योजना की जगह नयी स्वास्थ बीमा पालिसी लाने की बात रखी गई हैं |
  • केन्द्रीय सरकारी कर्मचारी के रिटायर्डमेंट की उम्र को लेकर कोई बदलाव की उम्मीद नहीं हैं |
  • 15 फीसदी बढ़ोत्तरी को लेकर कर्मचारी में आक्रोश हो सकता हैं क्यूंकि छठवे वेतन आयोग में 35% बढ़ोत्तरी की गई थी |

एक भारत श्रेष्ठ भारत

एक भारत श्रेष्ठ भारत, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की एक नयी योजना हैं जिसके पीछे एकता ही सबसे बड़ा कारण हैं | इसके बारे में श्री मोदी जी ने अपने भाषण में 31 अक्टूबर 2015 को बताया यह दिन सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म दिवस था जिसे देश में “राष्ट्रिय एकता दिवस ” के रूप में मनाया जाता हैं | इस दिन को और भी यादगार बनाते हुये एवम प्रिय सरदार पटेल को श्रद्दांजलि देते हुए मोदी जी ने एक भारत श्रेष्ठ भारत की बात सभी के सामने रखी |इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश के सभी राज्यों को उनकी संस्कृति एवम इतिहास से जोड़ना हैं जिससे देश में एकता के नये रूप का संचार हो सके |
रधानमंत्री मोदी जी ने स्पष्ट किया हैं कि योजना एक भारत श्रेष्ठ भारत देश की अखंडता के लिये एक बहुत अच्छा प्रयास साबित होगी | इससे लोगो को एक दुसरे से जुड़ने का एक माहौल मिलेगा जो कि सभी तरह से देश के हित में कार्य करेगा | उन्होंने अपने प्रोग्राम मन की बात में भी इस योजना का जिक्र किया | उन्होंने जनता से आग्रह किया हैं कि वे इस योजना में बढ़ चढ़ कर सहयोग दे | इस विषय में जनता अपने सुझाव MyGov.com पर दे सकती हैं | साथ ही इस योजना को बेहतर बनाने से संबंधी आईडिया भी जनता दे सकती हैं | इस योजना का लोगो किस तरह का होगा ? और कैसे ज्यादा से ज्यादा लोग इसका हिस्सा बने ? इसके लिये भी सुझाव मांगे गए हैं |
मोदी जी ने जनता से आग्रह किया हैं कि वे अपने सुझावों के जरिये इस एकता के मंत्र एक भारत श्रेष्ठ भारत को सफल बनाने में मदद करें | देश में बढ़ रहे असहिष्णुता के माहौल की निंदा करते हुये मोदी जी ने इससे बाहर निकलने के लिए इस योजना को एक बृज की तरह बताया हैं जिससे बहुत ही आसान तरीके से देश के भिन्न भिन्न संस्कृति के लोग एक दुसरे से जुड़ सकेंगे | देश की शांति एवम अखंडता के लिए यह योजना को सामने लाया जा रहा हैं |

क्या हैं एक भारत श्रेष्ठ भारत Ek Bharat Shreshtha Bharat Contest In Hindi

यह योजना मूलतः भारत के राज्यों के लिये हैं जिसमे प्रति वर्ष एक राज्य किसी अन्य राज्य का चुनाव करेगा और उस राज्य भी भाषा, इतिहास, संस्कृति, ज्ञान विज्ञान आदि को अपनायेगा और उसको पुरे देश के सामने बढ़ाये | अगले वर्ष किसी अन्य राज्य का चुनाव किया जायेगा | इस तरह यह योजना पुरे देश में चलती रहेगी जिससे राज्य आपस में संगठित होंगे | एक दुसरे भी भाषा को समझेंगे जिससे अनेकता में एकता का विकास होगा |
मुख्य बिंदु
  • एक भारत श्रेष्ठ भारत सरदार वल्लभभाई पटेल की स्मृति को नव जीवन देता हैं | वे एक ऐसे स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने आजादी के बाद छोटे छोटे राज्यों को देश में सम्मिलित कर देश का सुखद एवम शांति पूर्ण एकीकरण किया था | आज उसी एकीकरण में एक भारत श्रेष्ठ भारत नव उर्जा का संचार करेगा जिससे देश में शांति एवम एकता का संचार होगा |
  • इस योजना के तहत एक राज्य अन्य राज्य का चुनाव करेगा और उसकी भाषा उसकी संस्कृति को अपनाकर उसे आगे बढ़ाएगा | इससे दोनों देशो के बीच एक नया रिश्ता बनेगा |
  • सरकार ने राज्यों के बीच एक समिति का गठन किया हैं जो कि इस योजना को सही तरीके से नियानुसार क्रियान्वित करेगी |
  • योजना के अनुसार दो राज्य आपस में अपने छात्रों का आदान प्रदान करेंगे जो एक वर्ष तक दुसरे राज्य की संस्कृति को समझेंगे उनके बारे में सीखेंगे |
  • अगले वर्ष दुसरे राज्य का चुनाव किया जायेगा और इस तरह से यह योजना अपना कार्य करेगी |
एक भारत श्रेष्ठ भारत योजना को 31 अक्टूबर को स्वयं मोदी जी ने समझाते हुए कहा कि जैसे हरियाणा एक राज्य हैं जिसने 2016 के लिए तमिलनाडु को चुना हैं | हरियाणा, तमिलनाडु को समझने के लिए उसके लोकगीत, भाषा, किताब,  त्यौहार एवम भोजन आदि के बारे में अध्यन करेगा और जिसके जरिये वो इस राज्य को समझ सकेगा | इस प्रकार 2017 में हरियाणा एक अन्य राज्य का चुनाव करेगा और 2018 में अन्य राज्य का | और ऐसे ही योजना आगे बढ़ती जायेगी |
योजना की विशेषता
  • इस योजना के क्रियान्वय में राज्य सरकार एवम केंद्र सरकार दोनों की भूमिका अहम् होगी |
  • इस कार्य के लिए सरकार, नागरिक, सोशल ग्रुप, सरकारी एवम निजी क्षेत्र सभी मिलकर कार्य करेंगे |
  • इस योजना के विस्तार के लिए आधुनिक संसाधन एवम मीडिया का उपयोग किया जायेगा |
  • इस योजना के तहत सफलता की कहानियों का लेखा तैयार किया जायेगा जो कि हर राज्य का अपना होगा |
  • यह एक जन आन्दोलन की तरह कार्य करेगा बजाय एक योजना के |
यह योजना एक प्रतियोगिता के समान होगी जिसमे जितने वाले को स्वयं प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा पुरुस्कृत किया जायेगा | इनाम के प्रमाणपत्र के साथ इनाम राशि भी दी जाएगी जो कि क्रमशः एक लाख, 75 हजार एवम 50 हजार होगी |
देश की एकता एवम अखंडता देश के विकास में बहुत सहायक सिद्ध होगी इस तरह की पहल देश के लिये मजबूती का कार्य करेगी | यह सोच वल्लभभाई पटेल ने देश में बोई थी जिसका फलीभूत करने के लिये यह कदम उठाये जा रहे हैं जिससे बिना किसी मतभेद के आसानी से राज्यों के बीच संस्कारों का आदान प्रदान होगा जो कि भारत में एकता के रूप में उजागर होगा |
पिछले कुछ वक्त से देश में साम्प्रदायिक्ता का शोर बढ़ता सुनाई दे रहा हैं जिसे खत्म करना प्रत्येक नागरिक का फर्ज हैं लेकिन कैसे ? यह एक प्रश्न सभी के जहन में आता हैं | इस प्रकार यह योजना एक बेहतर पहल हैं जो कि सरकार ने बहुत ही अनूठे ढंग से सभी के सामने रखी  हैं | यह Ek Bharat Shreshtha Bharat कांटेस्ट बहुत आसानी से देश के भिन्न-भिन्न राज्यों को आपस में जोड़ सकता हैं | यह एक त्यौहार की तरह ही खुशियाँ फैलाते हुए बढ़ाया जायेगा | सरकार ने यह कदम उठाते हुए इस दिशा में पहल कर दी हैं | अब हम नागरिक का फर्ज हैं कि हम इस एक भारत श्रेष्ठ भारत का हिस्सा बने इसमें बढ़ चढ़ कर भाग ले |
कांटेस्ट का विमोचन उसका विस्तार सामने आ चूका हैं उसे सफल और कारगर बनाना देश के नागरिको का दायित्व हैं |


बुधवार, 13 जनवरी 2016

प्राचीन भारत के प्रमुख राजवंश एवं संस्थापक

प्राचीन भारत के प्रमुख राजवंश एवं संस्थापक 

 
 

वंश

राजधनी  संस्थापक 
हर्यक वंशराजगृह, पाटलिपुत्र बिम्बुसार
शिशुनाग वंश पाटलिपुत्र, वैशाली शिशुनाग
नंद वंशपाटलिपुत्र महापद्मनंद
मौर्य वंशपाटलिपुत्रचंद्रगुप्त मौर्य
शंकु वंशपाटलिपुत्र पुष्यमित्र शंकु
कण्व वंशपाटलिपुत्रवसुदेव
सातवाहन वंशपैठनसिमुक
चेदि वंशसोत्थवतीमहामोघवाहन
हिंद - यवनशाकल ( सियालकेट )डेमेट्रियस
कुषाण वंशकुजुल कडफिसेसपुरूषपुर पेशावर
कदंब वंशबनवासीमयूरशर्मन
गंग वंशतलकाडकोंकणिवर्मा
गुप्त वंशपाटलिपुत्रश्रीगुप्त
मौखरी वंशकन्नौजईशानवर्मा
हूण वंशस्यालकोटतोरमाण
मैत्रक वंशवल्लभीभट्टारक
उत्तरगुप्त वंशपाटलिपुत्रकृष्णगुप्त
गौड़ वंशकर्णसुवर्ण, मुर्शिदाबादशशांक
पुष्यभूति वंशथानेश्वरप्रभाकरवर्धन
पाल वंशमुंगेरगोपाल
सेन वंशराढ़सामंतसेन
राष्ट्रकूट वंशमान्यखेतदन्तिवर्मन
गुर्जर प्रतिहार वंशकन्नौजनागभट्ट प्रथम
कलचुरी चेदी वंशत्रिपुरीकोक्कल प्रथम
परमार वंशधाराकृष्णराज/ उपेंद्र
सोलंकी वंशअन्हिलवाड़मूलराज प्रथम
चंदेल वंशखजुराहोनन्नुक
गहड़वाल वंशकन्नौजचन्द्रदेव
चौहान वंशअजमेर वासुदेव
तोमर वंशढिल्लिका अंनगपाल
चालुक्य वंश बादामी बादामीपुलकेशिन प्रथम
चालुक्य वंश कल्याणीमान्यखेततैलप द्वितीय
चालुक्य वंश वेंगीवेंगीविष्णुवर्धन
पल्लव वंशकांचीसिंहवर्मा
चोल वंशतंजौर , तंजावुरविजयालय

मध्य प्रदेश: एक नज़र में

भारत का हृदयस्थल-मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश भारत के केंद्र में स्थित है, इसी कारण इसे भारत का हृदयस्थल भी कहा जाता है| यह राज्य खनिजों,विशेषकर हीरे और तांबे, के मामले में समृद्ध है| इसका गठन 1956 ई. में हुआ था| यहाँ उपोष्ण जलवायु पाई जाती है| मध्य प्रदेश में अप्रैल से जून तक मौसम उष्ण व शुष्क रहता है और जुलाई से सितम्बर तक मानसूनी वर्षा होती है| वर्तमान में इस राज्य में  51 जिले हैं| धार्मिक दृष्टि से यहाँ की लगभग 92% जनसंख्या हिन्दू और 8% जनसंख्या मुस्लिम, जैन, ईसाई, सिक्ख व बौद्ध धर्म को मानने वाली है|
उच्चावच (Topograpgy)                      
क्षेत्रफल की दृष्टि से मध्य प्रदेश 3, 08, 000  वर्ग किमी. क्षेत्रफल के साथ राजस्थान के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है| यह राज्य प्रायद्वीपीय पठार के उत्तरी मध्य भाग में स्थित है,जिसकी सीमा उत्तर में गंगा-यमुना के मैदान,पश्चिम में अरावली पर्वत,पूर्व में छत्तीसगढ़ के मैदान और दक्षिण में ताप्ती नदी घाटी द्वारा निर्धारित होती है|
मध्य प्रदेश का महत्व:
  • मध्य प्रदेश क्षेत्रफल के मामले में भारत का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है|
  • यह खनिज,ऊर्जा व जैविक संसाधनों तथा कृषि की दृष्टि से सम्पन्न राज्य है|
  • इसके लगभग 31% भूभाग पर वनों का विस्तार है,जिसमें कई अछूती व बहुमूल्य औषधीय गुणों से युक्त पौधों की प्रजातियाँ पायीं जाती हैं|
  • यह सोयाबीन,दालों व लहसुन का महत्वपूर्ण उत्पादक है|
  • यह सीमेंट उत्पादन में भारत में महत्वपूर्ण स्थान रखता है|
क्षेत्रफल
236,286  वर्ग किमी.
जनसंख्या (2011 की जनगणना के अनुसार)
72,597,565
स्थापना
1 नबम्बर, 1956
राजकीय भाषा
हिंदी
जलवायु
ग्रीष्म-अप्रैल से जून(उच्चतम तापमान 450C)
वर्षा-जुलाई से सितम्बर(मानसूनी वर्षा)
शीत-नवम्बर से फरवरी(न्यूनतम तापमान 50C)
राजधानी 
भोपाल
संसद सदस्य
लोकसभा=29, राज्य सभा=11
विधानमंडल
एकसदनीय (230)
विमानपत्तन
भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, खजुराहो, जबलपुर
प्रमुख नगर  
इंदौर(सबसे बड़ा नगर), भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर,उज्जैन,सागर
त्यौहार/पर्व
खजुराहो नृत्य महोत्सव, तानसेन संगीत महोत्सव(ग्वालियर), शिवरात्रि मेला(पंचमढ़ी), नवरात्रि उत्सव(उज्जैन), मालवा उत्सव(इंदौर)
अर्थव्यवस्था
लगभग 70%  कामगार जनसंख्या कृषि पर निर्भर
साक्षरता
69.72%
जिले
51
लिंगानुपात(2011 की जनगणना के अनुसार)
931 महिलाएं प्रति हजार पुरुष
प्रमुख लोक नृत्य
मटकी,गणगौर,बधाई,बरेडी,नवराता,भगोरिया
प्रमुख नदियाँ
नर्मदा,बेतवा,ताप्ती,चम्बल,सोन,महानदी,क्षिप्रा,सिंध
प्रमुख खनिज
तांबा,हीरा,कोयला,मैंगनीज और डोलोमाईट
पर्यटन/ऐतिहासिक स्थल
खजुराहो, मांडू, चचाई प्रपात, भीमबेटका, सांची, ग्वालियर, पंचमढ़ी, चंदेरी, ओरछा, बाघ की गुफाएं, ओंकारेश्वर, महेश्वर, उज्जैन, अमरकंटक