बुधवार, 29 जून 2016

7 पे कमीशन की सिफारिशें मंजूर | 7th pay commission

मोदी सरकार की कैबिनेट ने बुधवार को 7th पे कमीशन की सिफारिशों को मंजूरी दे दी। टोटल सैलरी 23.55% तक बढ़ाई जा सकती है। सरकार के मंत्री शाम तक इसका औपचारिक एलान करेंगे। इस इजाफे का फायदा सेंट्रल गवर्नमेंट के 50 लाख इम्प्लॉइज और 58 लाख पेंशनर्स को मिलेगा। 7 Q&A में समझें कैसे और कितना फायदा...
Source - patrika

#1 कब से लागू होगा?
1 जनवरी 2016 से।
#2 बढ़ी हुई सैलरी कब से मिलने लगेगी?
जुलाई की सैलरी, जो अगस्त में आएगी।
#3 कितनी सैलरी बढ़ेगी?
टोटल सैलरी 23.5% तक बढ़ेगी। लेकिन क्लास-1, 2, 3 और 4 में फाइनली कितनी फीसदी बढ़ेगी, इसका एलान शाम तक होगा। पेंशनर्स की सैलरी 24% तक बढ़ेगी।
#4 तो अब मेरी सैलरी बढ़कर कितनी हो जाएगी?
- ये क्लासवाइज एलान के बाद साफ हो सकेगा।
- सिफारिशों के मुताबिक, 7 हजार रुपए की मिनिमम बेसिक पे बढ़कर 18 हजार रुपए होगी।
- जो मैक्सिमम बेसिक पे 90 हजार थी वो बढ़कर 2.5 लाख हो जाएगी।
#5 जनवरी से जून 2016 के 6 महीनों के एरियर का क्या?
वो भी मिलेगा। लेकिन एक बार में ही पूरा एरियर मिलेगा या किश्तों में, ये तय होना बाकी।
#6 कब तक के लिए है?
अगले 10 साल तक इसी पे कमीशन के आधार पर सरकार से सैलरी मिलेगी।
#7 तो क्या अगले 10 साल तक यही सैलरी मिलती रहेगी?
नहीं, 7th पे कमीशन के मुताबिक जो आपकी सैलरी होगी, उस पर सालाना 3 फीसदी का इन्क्रीमेंट मिलेगा। साथ ही, महंगाई भत्ते में बढ़ोत्तरी होने पर भी सैलरी बढ़ेगी।
70 साल में सबसे कम इजाफे की सिफारिश
- बेसिक पे के मामले में यह 70 साल में सबसे कम बढ़ोत्तरी की सिफारिश है। क्योंकि इस बार यह 16% बढ़ाने की बात कही गई है। जबकि 6th पे कमीशन में बेसिक सैलरी 20% बढ़ाने की सिफारिश की गर्इ थी।
- 16% बेसिक पे के साथ अगर अलाउंस 67% बढ़ा दें तो इस बार टोटल सैलरी 23.55% तक बढ़ेगी। पेंशन में एवरेज 24% की बढ़ोत्तरी की सिफारिश है।
क्या थीं कमीशन की बाकी अहम सिफारिशें?

- केंद्र के सभी इम्प्लॉइज के लिए भी वन रैंक-वन पेंशन हो। इसके दायरे में 10 साल पहले रिटायर हुए इम्प्लॉइज भी होंगे।
- ग्रैच्युटी की लिमिट 10 से बढ़ाकर 20 लाख रुपए। जब भी डीए 50% बढ़ेगा, ग्रैच्युटी लिमिट 25% बढ़ेगी।
- सैलरी तय करने के लिए पे बैंड और ग्रेड पे का सिस्टम खत्म।
- 56 तरह के अलाउंस खत्म किए जाएं, सभी को एक जैसी पेंशन।
- पैरा मिलिट्री फोर्स के लिए भी शहीद का दर्जा। मिलिट्री सर्विस पे दोगुना होगा। यह सिर्फ आर्मी पर लागू होगा। बाकी पर नहीं।
केंद्र पर कितना आएगा बोझ
- सैलरी बढ़ाने से केंद्र पर 1.02 लाख करोड़ रुपए का बोझ आएगा, जो कुल जीडीपी का 0.7% है। 
- 39100 करोड़ रुपए सैलरी, 29300 करोड़ रुपए अलाउंस और 33700 करोड़ रुपए पेंशन बढ़ाने पर खर्च होंगे।
- आम बजट पर 73650 करोड़ रुपए और रेलवे बजट पर 28450 करोड़ रुपए का बोझ आएगा।
- इम्प्लॉइज को अगस्त महीने से एरियर के साथ सैलरी दिए जाने की उम्मीद है। जनवरी से अब तक के एरियर्स भी मिलेंगे।
सेक्रेटरीज की कमेटी ने ज्यादा बढ़ोत्तरी की सिफारिश की थी
- पीके सिन्हा की अगुआई वाली सेक्रेटरीज की कमेटी ने पे कमीशन की सिफारिशों से भी 30% ज्यादा सैलरी तय करने की बात कही थी।
- यानी 18,000 की जगह करीब 27,000 और 2, 25,000 की जगह 3, 25,000 रुपए सैलरी करने का प्रपोजल दिया था।

क्या है सेवन्थ पे कमीशन?

- कमीशन के चेयरमैन अशोक कुमार माथुर हैं। उन्होंने कुछ महीने पहले फाइनेंस मिनिस्टर जेटली को सिफारिशें सौंपी थीं।
- यह कमीशन यूपीए सरकार ने फरवरी 2014 में बनाया था। इसे 18 महीने में रिपोर्ट सौंपनी थी। लेकिन इसका टर्म अगस्त 2015 में चार महीने के लिए बढ़ा दिया गया था।
सरकारें क्यों बनाती हैं पे कमीशन?
बढ़ती महंगाई और इम्प्लॉइज बेनिफिट के तकरीबन हर 10 साल बाद केंद्र सरकार पे कमीशन बनाती है। यह केंद्र के इम्प्लॉई का पे स्केल, रिटायरमेंट के बेनिफिट और दूसरे बेनिफिट्स पर चर्चा करता है। 
कब-कब बने कमीशन?
पहला पे कमीशन :जनवरी 1946 में बना था। इसकी रिपोर्ट मई 1947 में भारत की अंतरिम सरकार को सौंपी गई थी।
दूसरा पे कमीशन :अगस्त 1957 में बना। इसकी रिपोर्ट 1959 में सौंपी गई। इससे सरकार पर करीब 40 करोड़ रुपए का बोझ बढ़ा।
तीसरा पे कमीशन :अप्रैल 1970 में बना। मार्च 1973 में रिपोर्ट सौंपी। इससे सरकार पर 144 करोड़ रुपए का बोझ बढ़ा।
चौथा पे कमीशन :जून 1983 में बना। चार साल में तीन फेज में इसकी रिपोर्ट सब्मिट की गई। सरकार पर 1,282 करोड़ रुपए का बोझ बढ़ा।
पांचवां पे कमीशन :9 अप्रैल 1994 को आयाेग बना। तीन साल बाद इसकी रिपोर्ट सौंपी। सरकार पर 17,000 करोड़ रुपए का बोझ बढ़ा।
छठा पे कमीशन :अक्टूबर 2006 में बना। मार्च 2008 में रिपोर्ट सौंपी। 1 जनवरी 2006 में सिफारिशें लागू की गईं। इससे सरकार पर 22,000 करोड़ रुपए का बोझ बढ़ा।
तब राज्य सरकारों के पास सैलरी देने के लिए पैसे नहीं थे
- पांचवें पे कमीशन की सिफारिशें लागू होने के बाद केंद्र ने राज्य सरकारों से भी अपने इम्प्लॉइज की सैलरी का रिव्यू करने को कहा।
- हालात ये बन गए थे कि 2000 में 13 राज्यों के पास अपने इम्प्लॉइज को सैलरी देने के लिए पैसे नहीं बचे। 
- इस फाइनेंशियल क्राइसिस से उबरने के लिए पश्चिम बंगाल, बिहार, उड़ीसा, असम, मणिपुर, मेघालय और मिजोरम ने एक ऐसा सिस्टम बनाने की मांग की, जिसके तहत केंद्र सरकार राज्य सरकारों से सलाह लिए बगैर सैलरी न बढ़ाए। वर्ल्ड बैंक ने भी इसे क्रिटिसाइज किया था।
तब सबसे कम 10 रुपए बढ़ी थी सैलरी
- पहले पे कमीशन में रेलवे के क्लास-4 इम्प्लॉई की सैलरी 10 रुपए से 30 रुपए तक बढ़ाई गई थी। 
- क्लास-3 इम्प्लॉई की सैलरी में 35 से 60 रुपए का इजाफा हुआ था। 
- कमीशन ने रेलवे इम्प्लॉई के लिए मिनिमम पे 55 रुपए फिक्स किया था।
Source - bhaskar

सत्य का मार्ग – The True Path

Source - .redbubble
गुरु गेहूं के एक खेत के समीप खड़े थे, तब उनका शिष्य एक समस्या लेकर उपस्थित हुआ और बोलाः
“सत्य की प्राप्ति की ओर ले जानेवाला मार्ग कौन सा है? मैं उसकी खोज कैसे करूं?”
गुरू ने उससे पूछा, “तुम अपने दाएं हाथ में कौन सी अंगूठी पहने हो?”
“यह मेरे पिता की निशानी है जो उन्होंने निधन से पहले मुझे सौंपी थी”, शिष्य ने कहा.
“इसे मुझे देना”, गुरू ने कहा.

शिष्य ने अपनी उंगली से अंगूठी निकालकर विनयपूर्वक गुरु के हाथ में दे दी. गुरु ने अंगूठी को खेत के बीच में गेंहू की बालियों की ओर उछाल दिया.
“यह आपने क्या किया?!”, शिष्य अचरज मिश्रित भय से चिल्लाया, “अब मुझे सब कुछ छोड़कर अंगूठी की खोज में जुटना पड़ेगा! वह मेरे लिए बहुमूल्य है!”
“वह तो तुम्हें मिल ही जाएगी, लेकिन उसे पा लेने पर तुम्हें तुम्हारे प्रश्न का उत्तर भी मिल जाएगा. सत्य का पथ भी ऐसा ही होता है… वह अन्य सभी पथों से अधिक मूल्यवान और महत्वपूर्ण है”.
Source -hindizen

मोरधन की कचोरी


सामग्री :
150 ग्राम मोरधन, 
3 आलू मध्यम आकार के,
 राजगिरे का आटा 100 ग्राम, 
सिंघाड़े का आटा 50 ग्राम, 
कालीमिर्च, लौंग, लाल मिर्च, अदरक का पेस्ट, 
जीरा सभी चीजें एक-एक छोटा चम्मच, 
नमक अंदाज से, 2-3 हरी मिर्च, 
हरा धनिया बारीक कटा, 
तेल तलने के लिए।

प्याज़ की कचौरी


विधि :
सबसे पहले मोरधन को साफ करके 2 घंटे के लिए भिगो दें, फिर मिक्सी में महीन पीस लें। आलू उबालकर मेश कर लें। कड़ाही में 50 ग्राम तेल डालकर गरम करें। जीरा व हरी मिर्च डाल दें, तड़कने लगे तब मोरधन का पेस्ट डालकर धीमी आंच पर भूनें। खुशबू आने लगे तब आलू का पेस्ट व सारे मसाले डाल दें। कुछ देर और भूनें, उतारकर हरा धनिया डाल दें। ठंडा होने पर बड़े आकार की गोलियां बना लें।
अब राजगिरे व सिंघाड़े के आटे में थोड़ा-सा नमक व एक छोटा चम्मच तेल डालकर पूड़ी के आटे जैसा गूंथ लें। छोटी-छोटी लोइयां बनाकर छोटी पपड़ी बेलें। हर पपड़ी में मिश्रण की गोली रखकर कचोरी का आकार दें। अब गरम तेल में धीमी आंच पर गुलाबी होने तल लें, लीजिए आपके लिए मोरधन-आलू की खस्ता कचोरियां तैयार हैं। इन्हें गरमा-गरम हरी चटनी या दही के रायते के साथ परोसें।

Source: http://awaresearchstory.in

मंगलवार, 28 जून 2016

कटे बैंगन को काला होने से बचाने का उपाय

कटे बैंगन को काला होने से बचाने के लिए, एक बर्तन में पानी लें, उसमें थोड़ा नमक डालें और बैंगन को काटकर उस पानी में डालते जाएँ। जब तक बैंगन के टुकड़े पानी में रहेंगें वो काले नहीं पड़ेंगें। जब सारे बैंगन कट जाएँ तब बैंगन के टुकड़ों को पानी में से निकाल कर पका लें।

शिमला मिर्च आलू सब्जी - Aloo Capsicum recipe

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना | Pradhan Mantri Surakshit Matritva Yojana


Pradhan Mantri Surakshit Matritva Abhiyan or Yojana in hindi हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अपने कार्यकाल के दौरान देश की विकास में अनेक कार्य किये हैं. देश के विकास के लिए किये गये अनेक प्रयासों में कई योजनाये भी शुरू की गई हैं. इन्ही में से एक योजना का नाम हैं -: प्रधानमंत्री जन – धन योजना. यह प्रधानमंत्री जन – धन योजना बहुत ही विस्तृत स्तर पर शुरू की गयी हैं. प्रधानमंत्री जन – धन योजना के अंतर्गत अनेक योजनाये शामिल हैं और इनमे से कुछ योजनाये तो प्रारंभ भी की जा चुकी हैं, जैसे -: प्रधानमंत्री विद्यांजली योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना, आदि.




अभी हाल ही में इस प्रधानमंत्री जन – धन योजना के अंतर्गत शामिल प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना का प्रारंभ किया गया हैं. जिस पर विस्तृत रूप से वर्णन निम्नानुसार हैं -:


प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना
Pradhan Mantri Surakshit Matritva Yojana in hindi

9 जून, 2016 को हमारे देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा एक और योजना प्रारंभ की गयी. इस योजना का नाम हैं – प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना, जो उन गर्भवती महिलाओं के लिए हैं, जो अपनी गर्भावस्था में अनेक बिमारिओं से ग्रसित हो जाती हैं और समय पर इलाज न मिल पाने के कारण अथवा स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में मृत्यु को प्राप्त होती हैं, उनका शिशु मृत पैदा होता हैं या कमजोर स्वास्थ्य वाला होता हैं या माता किसी प्रकार से कमजोर रह जाती हैं. इस योजना के द्वारा इन सभी समस्याओं का उपाय खोजने की कोशिश की गयी हैं. सामान्यतः जब एक महिला गर्भवती होती हैं तो उसे अनेक प्रकार की स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं, जैसे -: रक्त – चाप, शुगर की अधिक मात्रा, हारमोन की घाट – बढ़ सम्बन्धी परेशानियाँ, आदि. यह योजना इन महिलाओं को इस प्रकार की परेशानियों से बचाने, मुफ्त स्वास्थ्य परिक्षण और स्वास्थ्य का उचित रूप से ध्यान रखने हेतु कदम उठाए जाने के लिए प्रारंभ की गयी हैं.


प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना मुख्य बातें (Pradhan Mantri Surakshit Matritva Abhiyan Main point)

यह योजना गर्भवती महिलाओं के लिए बनाई गयी हैं.
इस योजना के अनुसार हर माह के नौवें दिन गर्भवती महिला के स्वास्थ्य की जांच की जाएगी.
इस योजना के अंतर्गत सभी प्रकार की जांचें मुफ्त में की जाएगी.
यें जांचें मेडिकल सेंटर, अस्पतालों, निजी क्लिनिक एवं सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर की जाएगी.
प्रत्येक महिला, जो अलग स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित हैं, उसकी स्वास्थ्य समस्या को चिन्हित किया जाएगा, ताकि चिकित्सकों को समस्या पहचानने में कोई परेशानी न हो और उन्हें अनावश्यक रूप से समय न लगे और जल्द से जल्द इलाज शुरू किया जा सके.
यह योजना शिशु के स्वास्थ्य की भी जांच के लिए भी प्रावधान बनाती हैं.


प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना योग्यता (Pradhan Mantri Surakshit Matritva Yojana Eligibility)

इस योजना का लाभ मात्र गर्भवती महिलाएं ही उठा सकती हैं.
महिलाएं, जिनके गर्भधारण को 3 माह से 6 माह तक का समय बीत चुका हैं, वे गर्भवती महिलाएं ही इस योजना से लाभ प्राप्त करने हेतु योग्यता रखती हैं.
यह योजना उन गर्भवती महिलाओं के लिए हैं, जो शहरी क्षेत्रों में निवास नहीं करती. इस योजना के अंतर्गत अर्द्ध – शहरी एवं ग्रामीण महिलाओं को लाभ दिए जाते हैं. ऐसा करने का कारण यह हैं कि सामन्यतः ग्रामीण महिलाये अपने स्वास्थ्य और गर्भधारण के दौरान इसके प्रति सचेत नहीं होती.


प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना–: उद्देश्य


इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को स्वस्थ शिशु और स्वस्थ जीवन प्रदान करना हैं.
इसका एक उद्देश्य यह भी हैं कि गर्भवस्था के दौरान या बच्चे को जन्म देते समय माता की मृत्यु – दर और शिशु मृत्यु – दर को कम किया जा सके.
गर्भावस्था के दौरान कोई महिला किन – किन स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित हो सकती हैं, इसके लिए लोगों में जागरूकता पैदा करना, भी इसका प्रमुख उद्देश्य हैं.
इस योजना के उद्देश्यों में बच्चे के जन्म को एक सुरक्षित प्रक्रिया बनाना भी सम्मिलित किया गया हैं.
महिला को बच्चे की परवरिश एवं उसके स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और सावधानियों के बारे में बताना.


प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना योजना की जानकारी (Pradhan Mantri Surakshit Matritva Abhiyan Information)
इस स्कीम के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं की गर्भावस्था के 3 माह से 6 माह के दौरान सभी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों, अस्पतालों, चिकित्सा संस्थानों द्वारा मुफ्त स्वास्थ्य जांच की जाती हैं. इस योजना में रक्त – चाप, शर्करा की मात्रा, हीमोग्लोबिन की जांच, रक्त जांच, स्क्रीनिंग एवं अन्य जांचें मुफ्त की जाती हैं.


मरीज के मेडिकल कार्ड में चिकित्सकों द्वारा विभिन्न प्रकार के स्टीकर का प्रयोग करके उनमे अंतर किया जाता हैं -:

क्रमांक                                           स्टीकर                                                                  बिमारी
1.                                                लाल स्टीकर                                                गंभीर अवस्था वाला मरीज
2.                                                नीला स्टीकर                                                      उच्च रक्त – चाप
3.                                               पीला स्टीकर                                                      अन्य स्वास्थ्य समस्या           


 हर माह की 9 तारीख को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, निजी अस्पताल, निजी नर्सिंग होम, सरकारी अस्पताल, जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्र, आदि द्वारा इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करने में मदद की जाती हैं.


प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना लाभ (Pradhan Mantri Surakshit Matritva Yojana Benefits)

गर्भवती महिला एवं गर्भस्थ शिशु की नियमित जांच द्वारा बड़ी बीमारी होने का खतरा कम हो जाता हैं. साथ ही यदि कोई समस्या हो भी, तो उसका समय पर इलाज शुरू होने से उस बीमारी को जड़ से ही ख़त्म किया जा सकता हैं. इस प्रकार माता और संतान दोनों ही सुक्षित रहते हैं.
गर्भावस्था के दौरान अनेक प्रकार की बीमारियाँ सामने आती हैं और इस योजना के द्वारा महिलाएं अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होती है, खास तौर पर ग्रामीण महिलाएं, पिछड़ी जाति की महिलाएं और वे महिलाएं जो अनपढ़ हैं या ज्यादा पढ़ी – लिखी नहीं हैं.
इस योजना से गर्भावस्था के समय मृत्यु – दर कम होगी.
इस योजना के अंतर्गत चिकित्सकों द्वारा , जो विभिन्न रंगों के स्टीकर का प्रयोग किया जाता हैं, उससे उन्हें मरीजों का इलाज करने में मदद मिलती हैं.
नियमित रूप से जांच होने के कारण गर्भावस्था के दौरान बीमार पड़ने का खतरा कम हो जाता हैं.
ये जांचें एक मुफ्त सुविधा हैं, इसके लिए किसी प्रकार के धन की आवश्यकता नहीं होती हैं.

Source-http://www.deepawali.co.in

सोमवार, 27 जून 2016

छिपकली भगाने के घरेलु तरीके | How to get rid of lizards naturally

घर में छिपकलियां होना काफी बड़ा चिंता का विषय होता है। किसी को भी ये जंतु फूटी आँख नहीं सुहाता है।इस जंतु को दीवार पर रेंगते हुए देखकर ही मन कचोटने लगता है।घर की किसी भी दीवार पर छिपकली घूमती है तो हमें दिक्‍कत होती है कि कहीं नीचे न गिर जाएं, खाने में न गिर जाएं आदि।


  अगर आप भी घर की दीवारों पर इधर-उधर भागने वाली छिपकली से परेशान आ चुके हैं तो ये घरेलू उपाय आपके लिए मददगार साबित हो सकते हैं.

Kitchen Clean Tips | किचन क्लीन टिप्स


अंडे का छिलका
छिपकली भगाने का ये सबसे आसान तरीका है. जब भी अंडा फोड़ें उसके छिलके को कूड़ेदान में फेंकने के बजाय उन जगहों पर रख दें जहां छिपकली होने की आशंका सबसे अधिक हो. छिपकलियां, अंडे की गंध से दूर भागती हैं.
मोरपंख छिपकलियों को मोर का पंख देखकर भ्रम हो जाता है कि यहां कहीं सांप है जो उन्‍हे खा जाएगा, इसलिए उसे देखकर वह भाग जाती है। मोरपंख को घर में किसी गुलदस्‍ते आदि में लगाकर रख दें, इससे छिपकलियां भाग जाएगी।
मोरपंख
छिपकलियों को मोर का पंख देखकर भ्रम हो जाता है कि यहां कहीं सांप है जो उन्हे खा जाएगा, इसलिए उसे देखकर वह भाग जाती है। मोरपंख को घर में किसी गुलदस्ते आदि में लगाकर रख दें, इससे छिपकलियां भाग जाएगी।
कॉफी पाउडर
कॉफी पाउडर और कत्थे को मिलाकर एक गाढ़ा घोल बना लें. इसके बाद इसकी छोटी-छोटी गोलियां बनाकर उन जगहों पर रख दें, जहां छिपकली के होने की आशंका हो. कॉफी और कत्थे की गंध से या तो छिपकली मर जाएगी या फिर भाग जाएगी. नेफ्थलीन गोलियां
नेफ्थलीन की गोलियां, एक अच्छी कीटनाशक होती है, इसे वार्डरोब, वॉशवेसिन आदि में डाला जाता है। इसे जहां भी रख देगें, वहां छिपकली नहीं आएगी।
पिपर पेस्टीसाइड स्‍प्रे
पानी और काली मिर्च के पाउडर को मिला लें और एक पेस्‍टीसाइड तैयार कर लें। इसे अपनी किचेन, कमरों और बाथरूम अदि जगहों पर छिड़क दें। इससे छिपकलियां भाग जाती है क्योंकि काली मिर्च की तीखी गंध उन्हे अच्छी नहीं लगती है।
प्‍याज
प्याज को स्लाइस में काटकर उसे धागे में बांधकर लाइट्स आदि के पास लटका दें, इससे वहां आने वाली छिपकली भाग जाएगी। प्याज में सल्फर ज्यादा मात्रा में होता है जिससे बुरी दुर्गंध निकलती है और छिपकली भाग जाती है।

Benefit of Dalchini | दालचीनी के फायदे

दालचीनी के फायदे

यह घरों में पाया जाने वाला एक मसाला है यह एक पेड़ की चाल है मुख्यतया यह श्रिलंका में पाया जाने वाला पेड़ हे. आपने कभी दादी-नानी के नुस्खे सुने होगे तो दालचीनी का जिक्र जरूर सुना होगा |


  • एक चम्मच शहद में थोड़ा सा दालचीनी पाउडर मिलाकर सुबह-शाम लेने से खांसी-जुकाम में आराम मिलता है। 

  • ब्लाडर इन्फ़ेक्शन होने पर दो बडे चम्मच दालचीनी का पावडर और एक बडा चम्मच शहद मिलाकर गरम पानी के साथ देने से मूत्रपथ के रोगाणु नष्ट हो जाते हैं।

  • दालचीनी , शहद और निम्बू का रास गरम पानी में मिला के सवेरे पीने से आप का दिल और पाचन तंत्र मजबूत हो जाएंगे . दालचीनी से आप का कोलेस्ट्रॉल लेवेल काम हो जाएगा .

  • एक चम्मच शहद में थोड़ा सा दालचीनी पाउडर मिलाकर दांतों में मसाज करने से दांतों की प्रॉब्लम से निजात मिलती है 

  • हल्के गर्म पानी में दालचीनी पाउडर और थोड़े से शहद को मिलाकर शरीर में दर्द वाले अंग पर लगाकर हल्‍के हाथों से मालिश करने से फायदा होता है।

Mouth Ulcer | मुंह के छाले


  • तीन बडे चम्मच शहद और एक चाय चम्मच दालचीनी पावडर का पेस्ट बनाएं। रात को सोते वक्त चेहरे पर लगाएं। सुबह गरम जल से धोलें । दो हफ़्ते के प्रयोग से मुहासे समाप्त होकर चेहरा कांतिमान दिखेगा।

  • आप अपना वजन काम करना चाहते है तो रोज सवेरे खाली पेट दालचीनी , शहद , अदरक का पेस्ट और निम्बू का रास गरम पानी में मिला के पी ले.

  • दालचीनी के पाउडर में थोड़ा सा नीबूं का रस मिलाकर चेहरे पर लगाने से कील मुंहासे दूर होते हैं।

  • त्वचा में खाज और खुजली होने पर दालचीनी पाउडर तथा शहद बराबर मात्रा में लेकर पेस्‍ट बना लें। इस पेस्‍ट को लगाने से त्‍वचा की यह समस्‍या दूर होती है
NOTE-:हम आप से निवेदन करते हैं की किसी भी उपाय का प्रयोग करने से पहले अपने चिकित्सक से सलह लें। हमारा उद्देश्य आपको जागरूक करना है। आपका डाॅक्टर ही आपकी सेहत बेहतर जानता है

शुक्रवार, 24 जून 2016

{चुटकुले} हिंदी जोक्स | Jokes

मुन्ना टॉयलेट में बैठा पोट्टी कर रहा था
मुन्ना – मम्मी जल्दी आओ
मम्मी – क्या है? कुछ काम नहीं करने देता गँवार
मुन्ना – मम्मी धुला दो कर ली
मम्मी – खुद धो ले बेटा
मुन्ना – जब धुला नहीं सकती तो जबरदस्ती खिलाती क्यूँ हो
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संता दारु पी के घर पहुँचा
संता – आज तो बीवी बहुत पेलेगी क्या करूं ?
संता – जानू दरवाजा खोलो
प्रीतो – आ गया पीके
संता – दरवाजा खोलो जानू मैं अपनी सुंदर बीवी के लिए
सुंदर गिफ्ट लाया हूं
प्रीतो(दरवाजा खोल के) – कहाँ है सुंदर गिफ्ट ?
संता – कहाँ है सुंदर बीवी
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पप्पू सुबह सुबह अपने कुत्ते को घुमा रहा था
पप्पू – शाबाश मेरे शेर दौड़ तेज
पुलिसवाला – ओए लौंडे इधर आ
पुलिसवाला – ये अपने भाई को कहाँ लेके जा रहा है ?
पप्पू – पुलिस में भर्ती कराने 
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गर्लफ्रेंड – दरवाजा खोलो ना बाबू
लड़का – कहाँ हो तुम ?
गर्लफ्रेंड – तुम्हारे घर के बाहर खड़ी हूँ
लड़का अपनी छोटी बहन को दरवाजा खोलने भेजता है
गर्लफ्रेंड – कैसी हो बेटा ?
छोटी बच्ची –आप रोज मेरे भैया से मिलने आती हो , आपका अपना कोई भाई नहीं है क्या

मुफ्त में अपने घर से बेघर करें कॉकरोच को

कॉकरोच घरों में हमेशा हमें परेशान करते हैं। इधर-उधर दौड़ते हैं और कभी-कभी तो खाने की चीजों में भी गिर पड़ते है। कॉकरोच को लेकर ये मसलें तो हैं ही, साथ ही ये डायरिया, अस्थमा जैसी गंभीर बीमारियां भी फैलाते हैं। वैसे तो इन्हें भगाने के लिए मार्केंट में कई गोलियां मौजूद हैं लेकिन हम आपको बताएंगे कि बिना पैसा खर्च किए आप कैसे इन्हें घर से भगा सकते हैं-


लौंग तो हर घर में मौजूद होता है, इसका इस्तेमाल आप कॉकरोच भगाने के लिए कर सकते हैं। आपको करना बस इतना है कि जहां भी आपको कॉकरोच नजर आए वहां लौंग रख दीजिए। इसकी गंध से कॉकरोच भाग जाएंगे।


खीरे का इस्तेमाल हम सलाद के रुप में करते ही हैं। लेकिन कॉकरोच भगाने के लिए भी आप इसका उपयोग कर सकते हैं। आपको जहां भी कॉकरोच दिखाई दे, वहां खीरे की स्लाइस रख दें। कॉकरोच दिखाई भी नहीं देंगे।

जहां भी आपको कॉकरोच दिखे, वहां तेजपत्ते को मसलकर रख दें। कॉकरोच दूर तक भी नहीं फटकेंगे।

केरोसिन तेल की गंध से भी कॉकरोच भाग जाते हैं। महीने में एक बार घर के हर कोने में केरोसिन तेल का छिड़काव करें कॉकरोच भाग जाएंगे।

लहसुन के गंध से भी कॉकरोच भागते हैं। कॉकरोच दिखने की जगह पर लहसुन रख दीजिए, उसकी गंध से कॉकरोच भाग जाएंगे।

Source - http://www.amarujala.com/

गुरुवार, 23 जून 2016

सबसे बड़ा दान


कई दिनों के विहार के बाद भगवान् बुद्ध मगध की राजधानी राजगृह से प्रस्थान करने वाले थे। लोगों को जब यह पता चला तो वे उनके लिए भेंट आदि लेकर उनके दर्शनों के लिए आने लगे।


अपने शिष्यों के साथ बैठे हुए बुद्ध लोगों की भेंट स्वीकार कर रहे थे। सम्राट बिम्बसार ने उन्हें भूमि, खाद्य, वस्त्र, वाहन आदि प्रदान किए। नगर सेठों ने भी धन-धान्य और सुवर्ण आभूषण उनके चरणों में अर्पित कर दिए। सभी के दान को स्वीकार करने के लिए बुद्ध अपना दायां हाथ उठा कर स्वीकृति इंगित कर देते थे।

भीड़ में एक वृद्धा भी थी। वह बुद्ध से बोली – “भगवन, मैं बहुत निर्धन हूँ। मेरे पास आपको देने के लिए कुछ भी नहीं है। आज मुझे पेड़ से एक आम गिरा हुआ मिल गया। मैं उसे खा रही थी तभी मैंने आपके प्रस्थान करने का समाचार सुना। उस समय तक मैं आधा आम खा चुकी थी। मैं भी आपको कुछ अर्पित करना चाहती हूँ लेकिन मेरे पास इस आधे खाए हुए आम के सिवा कुछ भी नहीं है। इसे ही मैं आपको भेंट करना चाहती हूँ। कृपया मेरी भेंट स्वीकार करें।”

वहां उपस्थित अपार जनसमुदाय, राजा-महाराजाओं और सेठों ने देखा कि भगवान बुद्ध अपने आसन से उठकर नीचे आए और उन्होंने दोनों हाथ फैलाकर वृद्धा का आधा आम स्वीकार किया।

सम्राट बिम्बसार ने चकित होकर बुद्ध से पूछा – “भगवन, एक से बढ़कर एक अनुपम और बहुमूल्य उपहार तो आपने केवल हाथ हिलाकर ही स्वीकार कर लिए लेकिन इस बुढ़िया के जूठे आम को लेने के लिए आप आसन से नीचे उतरकर आ गए! इसमें ऐसी कौन सी विशेषता है?”

बुद्ध मुस्कुराकर बोले – “इस वृद्धा ने मुझे अपनी समस्त पूँजी दे दी है। आप लोगों ने मुझे जो कुछ भी दिया है वह तो आपकी संपत्ति का कुछ अंश ही है और उसके बदले में आपने दान करने का अंहकार भी अपने मन में रखा है। इस वृद्धा ने मेरे प्रति अपार प्रेम और श्रद्धा रखते हुए मुझे सर्वस्व अर्पित कर दिया है फ़िर भी उसके मुख पर कितनी नम्रता और करुणा है।”

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